आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने मंगलवार को पत्तनमथिट्टा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और कहा कि सरकार आपदा प्रबंधन और अचानक होने वाले जलवायु परिवर्तनों का पूर्वानुमान लगाने एवं आपदा से निपटने के लिए एक प्रभावी प्रणाली लाने पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पत्तनमथिट्टा में पत्रकारों से कहा कि प्रभावी जलवायु पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी तंत्र विकसित करने के लिए विशेषज्ञों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली को पत्तनमथिट्टा जिले में प्रायोगिक परियोजना के तौर पर लागू किया जाएगा।
सतीशन ने यह भी दावा किया कि 2019 से पम्बा नदी समेत राज्य की कई नदियों से गाद निकालने का काम नहीं हुआ है और इसी वजह से हाल में हुई भारी बारिश के दौरान उनका जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे राज्य में नदियों से गाद निकालने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएंगे और पत्तनमथिट्टा को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में राज्य के कई हिस्सों में कम समय में 300 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हुई जिसके कारण विशेष रूप से वन क्षेत्रों में भूस्खलन और भूधंसाव की घटनाएं हुईं।
उन्होंने कहा, ‘‘सौभाग्य से इस आपदा में बहुत अधिक लोगों की जान नहीं गई।’’