संवाद प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ जैसा नहीं होना चाहिए: रेवंत रेड्डी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 10-03-2026
Dialogue should not be like PM Modi's 'Mann Ki Baat': Revanth Reddy
Dialogue should not be like PM Modi's 'Mann Ki Baat': Revanth Reddy

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने इस बात पर बल दिया कि प्रभावी नेतृत्व के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी हकीकत समझने के वास्ते अपने अधीनस्थों की बात सुननी चाहिए और कहा कि संवाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की तरह एकतरफा नहीं होना चाहिए।
 
राज्य पुलिस के ‘तेलंगाना पुलिस रिट्रीट 2026’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में रेड्डी ने कहा कि किसी विभाग का नेतृत्व करने वाले अधिकारियों को समस्याओं को नीचे तक प्रभावी ढंग से संप्रेषित करना चाहिए और कनिष्ठ अधिकारियों को उन्हें हल करने के लिए पर्याप्त स्वायत्तता और अवसर प्रदान करना चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि अगर वरिष्ठ अधिकारी असली मुद्दों को ठीक से समझाए बिना ही कनिष्ठों पर दबाव डालते हैं, तो अक्सर उनके बीच तालमेल की कमी हो जाती है।
 
उन्होंने सोमवार को कहा, ‘‘क्योंकि वर्दीधारी बलों में यह एकतरफा (संचार) होता है। (जैसा कि) रेडियो (कार्यक्रम) ‘मन की बात’ में होता है। हमें सुनना पड़ता है। हमारी तरफ से कहने के लिए कुछ भी नहीं है। ‘मन की बात’ में उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी) जो कहा है, हमें वह सुनना पड़ता है। इसलिए केवल आप ही अपने अधीन काम करने वालों से ‘मन की बात’ की तरह बोलने के बजाय...अगर दोतरफा संवाद हो, तो यह आपके लिए उपयोगी होगा।”