आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अयोध्या में राम लला के प्रति भक्ति भाव के बीच श्रद्धालुओं और आम लोगों में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक के नतीजों को लेकर खासी उत्सुकता दिखी।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से उपजे विवाद के बीच आयोजित इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल जाने के लिए श्रद्धालु और स्थानीय लोग सुबह से ही टेलीविजन और मोबाइल की स्क्रीन से चिपके नजर आए।
विभिन्न मंदिरों के पुजारी धीमी आवाज में घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखे, जबकि श्रद्धालु चाय की दुकानों के बाहर रुककर बैठक से जुड़ी जानकारी का इंतजार करते नजर आए। कई लोगों का मानना था कि इस बैठक के नतीजों से भक्तों का भरोसा बहाल हो सकेगा।
राम मंदिर के बाहर का माहौल काफी शांत था। जो लता मंगेशकर चौक आमतौर पर पर्यटकों से भरा रहता है, वहां सोमवार को बहुत कम लोग दिखाई दिए। राम पथ पर दोपहर की तेज धूप में तीर्थयात्रियों के छोटे-छोटे समूह चुपचाप आते-जाते नजर आए।
वहीं, पूजा सामग्री, प्रसाद, मिठाई और अन्य दुकानों पर इक्का-दुक्का श्रद्धालु ही दिखे। इलाके के होटल-रेस्तरां में भी सन्नाटा था।
हालांकि, दुकानदारों ने ग्राहकों की संख्या में आई इस कमी के लिए उमस भरी गर्मी को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि पिछले महीने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने लगी थी।
करोड़ों हिदुओं की श्रद्धा और आस्था के केंद्र राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों पर यकीन करना अयोध्या के बहुत से लोगों के लिए मुश्किल था।
राम पथ के पास स्थित एक दुकान के मालिक ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि लोग भगवान राम के चरणों में चढ़ाए गए पैसे की चोरी कर सकते हैं। यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है।”
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से उपजे विवाद के बीच आयोजित इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल जाने के लिए श्रद्धालु और स्थानीय लोग सुबह से ही टेलीविजन और मोबाइल की स्क्रीन से चिपके नजर आए।
विभिन्न मंदिरों के पुजारी धीमी आवाज में घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखे, जबकि श्रद्धालु चाय की दुकानों के बाहर रुककर बैठक से जुड़ी जानकारी का इंतजार करते नजर आए। कई लोगों का मानना था कि इस बैठक के नतीजों से भक्तों का भरोसा बहाल हो सकेगा।
राम मंदिर के बाहर का माहौल काफी शांत था। जो लता मंगेशकर चौक आमतौर पर पर्यटकों से भरा रहता है, वहां सोमवार को बहुत कम लोग दिखाई दिए। राम पथ पर दोपहर की तेज धूप में तीर्थयात्रियों के छोटे-छोटे समूह चुपचाप आते-जाते नजर आए।
वहीं, पूजा सामग्री, प्रसाद, मिठाई और अन्य दुकानों पर इक्का-दुक्का श्रद्धालु ही दिखे। इलाके के होटल-रेस्तरां में भी सन्नाटा था।
हालांकि, दुकानदारों ने ग्राहकों की संख्या में आई इस कमी के लिए उमस भरी गर्मी को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि पिछले महीने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने लगी थी।
करोड़ों हिदुओं की श्रद्धा और आस्था के केंद्र राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों पर यकीन करना अयोध्या के बहुत से लोगों के लिए मुश्किल था।
राम पथ के पास स्थित एक दुकान के मालिक ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि लोग भगवान राम के चरणों में चढ़ाए गए पैसे की चोरी कर सकते हैं। यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है।”