Demands for global regulation of AI grow stronger, and what could the system look like?
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकसित करने वाली कंपनियों की ओर से इस तकनीक के खतरों को लेकर दी जा रही चेतावनियों पर ध्यान देते नजर आ रहे हैं।
अल्बनीज ने सप्ताहांत में कहा कि एआई के विकास को नियंत्रित करने के लिए वैश्विक नियमों की जरूरत है, ताकि ‘‘यह सुनिश्चित किया जा सके कि इंसान नियंत्रण में रहें।’’
यह बयान एआई कंपनी एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोदेई के उस आह्वान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एआई के विकास की गति धीमी की जानी चाहिए ताकि सरकारों और कंपनियों को इससे जुड़े ‘‘गंभीर’’ जोखिमों से निपटने के लिए अधिक समय मिल सके। ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन समेत कई अन्य एआई विशेषज्ञ भी इस विचार से सहमत हैं।
लेकिन सवाल यह है कि एआई का बेहतर नियमन किस तरह किया जा सकता है और इसे लागू कौन करेगा?
----- एआई नियमन की जरूरत क्यों महसूस हो रही है? -----
एआई के मानव नियंत्रण से बाहर जाने की क्षमता को लेकर चिंता बढ़ रही है। हाल के दिनों में एआई से जुड़े कई बड़े साइबर सुरक्षा मामले सामने आए हैं।