CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, आज चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 06-10-2026
Demand to remove CEC Gyanesh Kumar; INDIA bloc to march to Election Commission headquarters today.
Demand to remove CEC Gyanesh Kumar; INDIA bloc to march to Election Commission headquarters today.

 

नई दिल्ली।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसद मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन तक मार्च करेंगे।

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं और चुनाव आयोग से इस पूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की जा रही है। INDIA ब्लॉक के विभिन्न दलों के नेता और सांसद मार्च में शामिल होंगे और चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगें रखेंगे।

यह मार्च विपक्ष की ओर से शुरू किए गए व्यापक ‘सेव डेमोक्रेसी’ अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और विभिन्न स्तरों पर जनकार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।

सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर जुटेंगे सांसद

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने 5 अक्टूबर को बताया कि सभी विपक्षी दलों के सांसद मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि सांसदों को सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर एकत्र होने के लिए कहा गया है और मार्च सुबह 11 बजे शुरू होगा।

जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों और प्रभारियों की करीब दो घंटे बैठक हुई। बैठक में आगे के कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि 8 अक्टूबर तक INDIA गठबंधन के सभी दल जिला स्तर पर पदयात्राएं करेंगे। इसके अलावा प्रदर्शन और जनसभाएं भी आयोजित की जाएंगी।

10 अक्टूबर से ब्लॉक स्तर पर बैठकें

जयराम रमेश ने विपक्ष के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि 10 से 20 अक्टूबर के बीच ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी।

इसके बाद 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्य और जिला स्तर पर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैलियां आयोजित की जाएंगी। गांवों में चौपाल भी लगाई जाएगी। कांग्रेस नेता के मुताबिक, इस अभियान का एक उद्देश्य उन मतदाताओं से संबंधित जानकारी जुटाना है, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म 6 को लेकर स्थिति स्पष्ट की

इस बीच, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने SIR प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि अदालत ने फॉर्म 6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड सामने आने के बाद अदालत यह देखना चाहेगी कि इसमें बदलाव किसने किया।

सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर एकतरफा अंतरिम आदेश देने से भी इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

याचिका में 14 फैसलों पर उठाए गए सवाल

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि SIR से जुड़े 14 महत्वपूर्ण फैसले चुनाव आयोग के नाम पर लिए गए, जबकि कथित तौर पर अन्य दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इन फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी।

याचिका में फॉर्म 6 में कथित बदलाव और अन्य चुनाव आयुक्तों की भागीदारी या मंजूरी के बिना मतदाता सूची से जुड़ी प्रणालियों में कथित परिवर्तन पर भी सवाल उठाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पहले याचिका में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों के जवाब प्राप्त करेगा। CJI ने यह भी कहा कि यदि वैधानिक प्रक्रिया के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो अदालत संबंधित फैसले को रद्द कर सकती है।

विपक्ष ने जारी रखने का किया ऐलान

इससे पहले 30 सितंबर को नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की समन्वय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने कथित खतरों को लेकर विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि विपक्षी दल इस अभियान को मिलकर और समन्वित तरीके से आगे बढ़ाएंगे।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि विपक्ष का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग की थी।