आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
के नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई के समुद्र में “फ्लोटिंग होर्डिंग” (तैरता विज्ञापन बोर्ड) लगाने के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने इस फैसले को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इससे शहर की सुंदरता खराब होगी।
ठाकरे ने 28 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा कि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण शहर के ज्यादातर हिस्सों से, यहां तक कि समुद्र से थोड़ी दूरी पर स्थित इलाकों से भी, समुद्र मुश्किल से दिखाई देता है। उन्होंने बृहस्पतिवार को इस पत्र की प्रति सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की।
पूर्व मंत्री ने कहा, “दुख की बात है कि विज्ञापन बोर्ड के ठेकेदारों के एक समूह को फायदा पहुंचाने वाले इस बेतुके फैसले के कारण अब समुद्र का जो हिस्सा दिखाई देता है, वहां भी नागरिकों के सामने विज्ञापन नजर आएंगे। ये नागरिक पहले ही जमीन पर फैले प्रदूषण का खामियाजा भुगत रहे हैं।”
मुंबई समुद्री बोर्ड ने शहर के प्रमुख समुद्र तटों के पास नौकाओं पर तैरते विज्ञापन लगाने की अनुमति देने का फैसला किया है।
ठाकरे ने कहा कि रात में नागरिकों को असुविधा पहुंचाने वाले एलईडी विज्ञापन बोर्ड को नियंत्रित करने और शहर में विज्ञापन बोर्ड की संख्या सीमित करने के लिए नीति होनी चाहिए।