आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए मतगणना शनिवार को शुरू हो गई । प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे को लेकर हाल में हुए छात्र आंदोलन के मद्देनजर चुनाव में प्रमुख छात्र संगठनों के प्रदर्शन को लेकर खासा उत्सुकता है।
इस चुनाव के नतीजों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डूसू के केंद्रीय पैनल की तस्वीर साफ होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का वाम गठबंधन देश के सबसे चर्चित छात्र संघ चुनावों में से एक में अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय में पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के 2,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित की गई है और मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार केंद्रीय पदों के लिए मतगणना ‘नॉर्थ कैंपस’ स्थित विश्वविद्यालय खेल स्टेडियम के बहुउद्देश्यीय हॉल में हो रही है।
डूसू चुनाव में शुक्रवार को करीब 39.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
पिछले साल अभाविप ने अध्यक्ष, सचिव एवं महासचिव पद पर जीत हासिल की थी जबकि एनएसयूआई ने केवल उपाध्यक्ष पद जीता था।
अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के लिए कुल 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) लगाई गई थीं, जिनमें से 960 का इस्तेमाल मतदान के लिए किया गया।
ईवीएम को शुक्रवार शाम मतदान समाप्त होने के बाद पुलिस की सुरक्षा में बहुउद्देश्यीय हॉल ले जाया गया, जहां उन्हें खोलकर मतगणना शुरू की गई।