Congress will fight the 2027 Punjab elections under joint leadership: Bhupesh Baghel
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में पंजाब मामलों के प्रभारी एवं पार्टी महासचिव भूपेश बघेल ने रविवार को कहा कि कांग्रेस 2027 में राज्य विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी।
बघेल में यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार हैं।
इस अवसर पर बघेल के साथ पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा एवं अन्य नेता भी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रह चुके बघेल ने कहा कि 2017 के पंजाब चुनावों को छोड़कर कांग्रेस ने हमेशा संयुक्त नेतृत्व में चुनाव लड़ा है। पार्टी ने वर्ष 2017 के चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी करेंगे।
बघेल कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के पहले चरण के लिए पंजाब में थे। यह केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को ‘विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) अधिनियम से बदलने के कदम के खिलाफ एक जन जागरूकता कार्यक्रम है।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान को महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) के श्रमिकों सहित जनता का भरपूर समर्थन मिला है।
बघेल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नष्ट करने पर तुले हुए हैं। मनरेगा कांग्रेस द्वारा ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने के लिए लाया गया एक अधिकार-आधारित कानून था, और इसे रद्द करने से उनका काम करने का अधिकार छीन लिया जाएगा।
नए कानून में योजना को लागू करने के लिए निर्धारित केंद्र-राज्य निधि अनुपात का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि धन की कमी के कारण कई राज्य केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में असमर्थ हैं।