भोपाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को भोपाल नगर निगम (BMC) कार्यालय के बाहर कथित गाय हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि यह अवैध कार्य नगर निगम के कर्मचारियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के कथित गठजोड़ के तहत हो रहा है।
कांग्रेस के प्रवक्ता अमित शर्मा ने कहा, "राज्य में दोगुनी सरकार है, जो खुद को हिंदू हितों की रक्षक बताती है, और मुख्यमंत्री खुद मोर पंख से सजी गाड़ी में घूमते हैं। बावजूद इसके राजधानी भोपाल में गायों की हत्या हो रही है और नगर निगम के कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं।" उन्होंने आगे सवाल उठाए कि किसके संरक्षण में प्रतिबंधित सामग्री के कंटेनर ले जाए जा रहे थे, यह कब से हो रहा है, और इस slaughterhouse का टेंडर किसके द्वारा दिया गया। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बुलडोजर कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस स्वयं बुलडोजर लेकर इस स्थान को ध्वस्त करेगी।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम ने उस हत्या गृह को सील कर दिया है, जहाँ से कथित रूप से मांस का एक बड़ा कंसाइनमेंट आया था। यह कार्रवाई तब हुई जब लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि ट्रक से बरामद लगभग 25 टन मांस प्रतिबंधित श्रेणी में आता है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना की पृष्ठभूमि में बताया गया कि 17 दिसंबर की रात हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों ने भोपाल से मुंबई जा रहे ट्रक को रोककर दावा किया कि इसमें प्रतिबंधित मांस था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मांस जब्त कर लैब जांच के लिए भेजा। रिपोर्ट में प्रतिबंधित मांस पाए जाने के बाद, नगर निगम ने संबंधित slaughterhouse को सील कर दिया।
कांग्रेस नेता शर्मा ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने slaughterhouse को लीज पर दिया था और संचालक को किसी भी जानवर का मांस बेचने की स्वतंत्रता दी गई थी। उन्होंने कहा, "भोपाल में हर कोई जानता है कि वहां गायों की हत्या हो रही है।"
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भोपाल की महापौर मालती राय ने कहा कि जांच में slaughterhouse के नमूने सही नहीं पाए गए और इसके बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी या निजी विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है।