Congress demands public disclosure of data on Bangladeshi and Rohingya migrants in Maharashtra
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करने को कहा क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि राज्य में इन अवैध प्रवासियों की अधिकतम संख्या की पहचान की गई है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने एक बयान में कहा कि अगर सरकार ने वास्तव में रोहिंग्याओं की सबसे अधिक संख्या की पहचान की है, तो उसे आंकड़े जारी करने चाहिए।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए सत्तारूढ़ ‘महायुति’ के घोषणापत्र का अनावरण करते हुए फडणवीस ने कहा था, ‘‘हम मुंबई को बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं से मुक्त करेंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की मदद से हम बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक एआई टूल विकसित करेंगे।’’
सावंत ने फडणवीस पर हमला करते हुए उन्हें ‘‘सपनों का सौदागर’’ बताया और कहा कि वह वर्तमान की कड़वी वास्तविकताओं को नजरअंदाज करते हुए सुनहरे भविष्य का दिखावा करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के साक्षात्कार मुख्य रूप से भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित होते हैं, जबकि अतीत में किए गए वादों के क्रियान्वयन के बारे में बहुत कम स्पष्टीकरण दिया जाता है।
सावंत ने आरोप लगाया, ‘‘ईस्टर्न फ्रीवे को 2017 में ठाणे से जोड़ा जाना था, जबकि मुंबई को उसी वर्ष बाढ़ मुक्त घोषित किए जाने का आश्वासन दिया गया था। दोनों वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित समयसीमाओं का शायद ही कभी पालन किया जाता है। ‘तारीख पे तारीख’ मुहावरा सरकार के कामकाज का प्रतीक बन गया है।’’