कोलकाता में 19 साल बाद आना घर लौटने जैसा है: तसलीमा नसरीन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-07-2026
Coming to Kolkata after 19 years is like returning home: Taslima Nasreen
Coming to Kolkata after 19 years is like returning home: Taslima Nasreen

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
अपनी विवादित पुस्तक ‘द्विखंडितो’ को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद कोलकाता छोड़ने पर मजबूर हुईं बांग्लादेशी लेखिका तसलीम नसरीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि लंबे समय बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति के लिए शहर में लौटना ‘अपने देश’ में लौटने जैसा महसूस हो रहा है।
 
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस यात्रा से अभिव्यक्ति की आजादी और असहमति की आवाजों की सुरक्षा का महत्व फिर से साबित होगा।
 
नसरीन एक अगस्त को यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मशहूर लेखक शीर्षेंदु मुखोपाध्याय के भी शामिल होने की संभावना है।
 
वर्ष 2007 के बाद कोलकाता में नसरीन की यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी। उस समय उनकी आत्मकथा के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों के कारण उन्हें वह शहर छोड़ना पड़ा था, जिसे उन्होंने बांग्लादेश से भागने के एक दशक बाद अपना घर बनाया था।
 
पश्चिम बंगाल सरकार ने 2003 में नसरीन की किताब ‘द्विखंडितो’ (दो हिस्सों में बंटी) पर कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के कारण प्रतिबंध लगा दिया था।
 
‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में नसरीन ने कहा कि कोलकाता केवल उनके रहने की जगह नहीं थी, बल्कि एक ऐसा शहर था जिसने उन्हें अपनापन महसूस कराया और इतने साल दूर रहने के बावजूद पश्चिम बंगाल से उनका जुड़ाव कम नहीं हुआ।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने ही देश में लौट रही हूं। मेरे दिल में बंगाल कभी भी किसी सीमा या कंटीले तार की बाड़ से बंटा नहीं रहा। बंगाल के पूर्वी हिस्से का दरवाजा मेरे लिए बंद है, इसलिए अभी के लिए बंगाल का यही हिस्सा मेरा घर है।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुशी के साथ-साथ दर्द भी महसूस कर रही हूं। कोलकाता सिर्फ वह शहर नहीं था जहां मैं रहती थी; वहां मेरा घर, दोस्त और पाठक होने के साथ अपनापन था। मेरे जीवन के लगभग 19 साल मुझसे छीन लिए गए और घर वापसी उन खोए हुए सालों को वापस नहीं ला सकती। मैं किसी अजनबी या मेहमान की तरह नहीं लौट रही हूं। मैं एक ऐसी इंसान के तौर पर लौट रही हूं जिसने हमेशा खुद को बंगाल का ही हिस्सा माना है।’’
 
एसएसपी ने बताया कि इसके लिए सोशल मीडिया मंचों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
 
एसएसपी ने बताया कि कावंड यात्री दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।