कश्मीर में आसमान साफ, रात के तापमान में आई गिरावट, गुलमर्ग में पारा हिमांक बिंदु से नीचे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
Clear skies in Kashmir, night temperatures drop, mercury below freezing point in Gulmarg
Clear skies in Kashmir, night temperatures drop, mercury below freezing point in Gulmarg

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कश्मीर में साफ आसमान के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का पूर्वानुमान जताया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
 
अधिकारियों के मुताबिक, गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग समेत अन्य पर्यटक स्थलों तथा कई ऊंचे इलाकों पर बुधवार रात को बर्फबारी हुई। हालांकि, आसमान साफ ​​रहने के कारण घाटी के अधिकतर स्थानों पर रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
 
उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आज सुबह धूप छाई रही।
 
अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछली रात के 2.2 डिग्री सेल्सियस से कम था। हालांकि, यह तापमान साल के इस समय के सामान्य तापमान से 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
 
अधिकारियों के अनुसार, गुलमर्ग क्षेत्र का सबसे ठंडा स्थान बना रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 7.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात से 1.5 डिग्री कम था।
 
उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस नीचे के तापमान से कई डिग्री कम रहा।
 
वहीं, घाटी के प्रवेश द्वार माने जाने वाले काजीगुंड में यह शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जबकि कोकरनाग में यह शून्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।
 
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
 
फिलहाल यह क्षेत्र 'चिल्ला-ए-कलां' (40 दिनों की भीषण ठंड की अवधि) के दौर से गुजर रहा है और इस दौरान रात का तापमान आमतौर पर हिमांक बिंदु से कई डिग्री नीचे गिर जाता है।
 
इस अवधि के दौरान हिमपात की संभावना सबसे अधिक रहती है, लेकिन घाटी के मैदानी इलाकों में अब तक इस मौसम में कोई बर्फबारी नहीं हुई है।
 
मौसम विभाग ने पांच जनवरी 2026 तक मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना जताई है।