फिरोजाबाद के जे. एस. विश्वविद्यालय के खिलाफ 'परिसमापन' प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की मुहर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-01-2026
Cabinet approves liquidation proposal against Firozabad's J.S. University
Cabinet approves liquidation proposal against Firozabad's J.S. University

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल ने फर्जी डिग्रियां बांटे जाने तथा अन्य आरोपों को लेकर विभिन्न जांच रिपोर्टों के मद्देनजर फिरोजाबाद स्थित जे. एस. विश्वविद्यालय के खिलाफ लाए गए ‘परिसमापन’ संबंधी प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। उपाध्याय ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक में फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद स्थित जे. एस. विश्वविद्यालय के परिसमापन (बंद करने) संबंधी प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गयी।
 
परिसमापन किसी संस्था, कंपनी या व्यवसाय को स्थायी रूप से बंद करने की कानूनी प्रक्रिया को कहते हैं।
 
इस निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले लगभग चार हजार छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए आगरा स्थित भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में एक त्रिस्तरीय अंतरिम समिति गठित की गई है। यह समिति परिसमापन की अवधि में विश्वविद्यालय की गतिविधियों का संचालन करेगी।
 
उन्होंने बताया कि जे. एस. विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2015 में हुई थी। पिछले साल नौ मार्च को एक समाचार पत्र में छपा था कि राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक परीक्षा 2022 में इस विश्वविद्यालय से पढ़े जो अभ्यर्थी चयनित हुए थे उनकी बीपीएड की डिग्री और अंकपत्र जांच में फर्जी पाये गये हैं।
 
इस मामले में जे. एस. विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र को गिरफ्तार किया गया था।