आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हैदराबाद में भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस फैसले को “मजदूर दिवस का तोहफा” बताते हुए तत्काल कीमतें वापस लेने की मांग की।
मजदूर दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में रामाराव ने कहा कि सरकार ने मजदूरों और आम लोगों को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 1000 रुपये तक की एकमुश्त बढ़ोतरी अभूतपूर्व है और इससे गरीब व मध्यम वर्ग बुरी तरह प्रभावित होंगे।
राज्य के स्वामित्व वाली तेल कंपनियों ने होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 993 रुपये तक की वृद्धि की है। इसके अलावा 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी 549 रुपये से बढ़ाकर 810.50 रुपये कर दी गई है।
रामाराव ने कहा कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे कारोबारियों, होटल कर्मचारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि हैदराबाद में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3,315 रुपये तक पहुंचने से कई होटल और रेस्तरां बंद होने की कगार पर आ सकते हैं, जिससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी खतरे में पड़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले से ही वैश्विक परिस्थितियों, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण कारोबार प्रभावित है। ऐसे में यह नई बढ़ोतरी हालात को और खराब करेगी।
मजदूर दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में रामाराव ने कहा कि सरकार ने मजदूरों और आम लोगों को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 1000 रुपये तक की एकमुश्त बढ़ोतरी अभूतपूर्व है और इससे गरीब व मध्यम वर्ग बुरी तरह प्रभावित होंगे।
राज्य के स्वामित्व वाली तेल कंपनियों ने होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 993 रुपये तक की वृद्धि की है। इसके अलावा 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी 549 रुपये से बढ़ाकर 810.50 रुपये कर दी गई है।
रामाराव ने कहा कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे कारोबारियों, होटल कर्मचारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि हैदराबाद में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3,315 रुपये तक पहुंचने से कई होटल और रेस्तरां बंद होने की कगार पर आ सकते हैं, जिससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी खतरे में पड़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले से ही वैश्विक परिस्थितियों, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण कारोबार प्रभावित है। ऐसे में यह नई बढ़ोतरी हालात को और खराब करेगी।