आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ब्रिटेन और फ्रांस के युद्धक विमानों ने मध्य सीरिया में एक भूमिगत ठिकाने पर हवाई हमले किये, जहां इस्लामिक स्टेट समूह के सदस्यों द्वारा हथियार और विस्फोटक जमा किए जाने का संदेह है।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये हमले शनिवार शाम को सीरिया के होम्स प्रांत में ऐतिहासिक शहर पल्मायरा के ठीक उत्तर में पहाड़ों में स्थित ठिकानों पर हुए।
ब्रिटेन और फ्रांस, अमेरिका के नेतृत्व वाले उस गठबंधन का हिस्सा हैं जो एक दशक से अधिक समय से आईएस आतंकवादियों से लड़ रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश सेना ने टाइफून एफजीआर4 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया। संयुक्त हमले में फ्रांसीसी विमान भी शामिल थे। ब्रिटिश वायुसेना ने ठिकाने तक जाने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाने के लिए निर्देशित बमों का इस्तेमाल किया।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा, ‘‘यह कार्रवाई आईएस और उसकी हिंसक विचारधाराओं के किसी भी उभार को खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।’’
फ्रांस की सेना ने एक बयान में कहा कि ये हमले आईएस समूह के उभार को रोकने" के उद्देश्य से किए गए, क्योंकि ‘‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई’’ फ्रांस और उसके सहयोगियों के लिए प्राथमिकता बनी हुई है।
सीरिया सरकार की ओर से इन हमलों पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं आई है। सीरिया पिछले साल के अंत में आईएस-विरोधी गठबंधन में शामिल हुआ था।
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि सीरिया और इराक में स्थित अपने पूर्व गढ़ों में आईएस के अब भी 5,000 से 7,000 सदस्य सक्रिय हैं।
पिछले महीने, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सीरिया में आईएस लड़ाकों और हथियार स्थलों को ‘‘नष्ट’’ करने के लिए सैन्य हमले शुरू किए। यह कार्रवाई पल्मायरा के पास घात लगाकर किए गए उस हमले के प्रतिशोध में की गई, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे।