Black and acid rain falls in Iran after US airstrikes, experts warn of health risks
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों के बाद ईरान के कुछ हिस्सों में काले रंग की बारिश होने की खबरें आई हैं। मीडिया की कुछ खबरों में इसे “अम्लीय बारिश” कहा गया है।
ईरानी नागरिकों ने सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई होने और इमारतों एवं वाहनों पर तेल मिश्रित पानी गिरने की शिकायतें की हैं। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि इस बारिश में मौजूद रासायनिक यौगिक अत्यंत खतरनाक और अम्लीय हो सकते हैं।
एक वायुमंडलीय रसायन विशेषज्ञ और रासायनिक इंजीनियर के अनुसार, यह बारिश केवल अम्लीय नहीं है। इसमें सल्फ़्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल तो होंगे ही, साथ ही अन्य कई हानिकारक रसायन भी मिल सकते हैं। ये प्रदूषक मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए तत्काल और दीर्घकालिक रूप से खतरनाक हैं।
तेल डिपो पर हमलों से उठे धुएँ में हाइड्रोकार्बन, अल्ट्राफाइन कण (पीएम2.5), पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (पीएएचएस) और भारी धातुएँ शामिल हो सकती हैं। इन प्रदूषकों के बारिश में मिलने से यह और भी हानिकारक हो जाती है।
धुएँ में सल्फ़र डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड भी होते हैं, जो वायुमंडल में सल्फ़्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल बनाने के लिए जिम्मेदार हैं। यही अम्ल पानी की बूँदों में घुलकर परंपरागत “अम्लीय बारिश” बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश सामान्य अम्लीय बारिश से कहीं अधिक खतरनाक है, क्योंकि इसमें कई विषाक्त और कैंसरकारी तत्व शामिल हैं।