आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने बेंगलुरु दक्षिण जिले में बिदादी के पास प्रस्तावित जीबीआईटी के लिए लगभग 500 एकड़ जमीन अधिग्रहण करने से संबंधित कर्नाटक सरकार की अंतिम अधिसूचना का कड़ा विरोध करते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर किसानों और गरीबों के कल्याण के बजाय रियल एस्टेट को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
विजयेंद्र ने यह भी मांग की कि किसानों की जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
विजयेंद्र ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता किसान नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने पद संभालने के 24 घंटे के भीतर ही यह दिखा दिया है कि इस सरकार की प्राथमिकता रियल एस्टेट है।’’
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि भाजपा बिदादी में टाउनशिप की आड़ में किसानों से ‘‘जबरदस्ती और गैर-कानूनी तरीके से’’ जमीन लेने के सरकार के कदम की कड़ी निंदा और विरोध करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी सरकार की पहली प्राथमिकता मुश्किल में फंसे किसानों की मदद करना होनी चाहिए, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री के लिए बेंगलुरु का रियल एस्टेट प्राथमिकता बन गया है। इसलिए, भाजपा की ओर से मैं मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि वह अपनी जिद छोड़ें, किसानों की समस्याओं को सुनें और उन्हें बेदखल न करें। मेरी मांग है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए।’’
अधिकारियों के अनुसार, ‘ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप’ के लिए रामनगर और हारोहल्ली तालुका के तीन गांवों में 499 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गयी है।
यह मुख्यमंत्री शिवकुमार के महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में एक है। इसे भारत की ‘पहली एआई आधारित समेकित टाउनशिप’ के तौर पर पेश किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना में इलाके के नौ गांवों की 7,481 एकड़ जमीन शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल की अधिसूचना आने वाले दिनों में ज़मीन अधिग्रहण के लिए जारी होने वाली अधिसूचनाओं की श्रृंखला में पहली हो सकती है।
इस बीच, विजयेंद्र समेत भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बिदादी के आस-पास के गांवों का दौरा करेगा ताकि टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन किया जा सके।