आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि वह नागरिकों की आपत्ति के बावजूद उमर खालिद से जुड़े कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति देकर “एक राष्ट्र-विरोधी तत्व का खुलेआम समर्थन और महिमामंडन'' कर रही है।
भाजपा ने कहा कि खालिद को फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में विभिन्न अदालतों से कोई राहत नहीं मिली है और उस पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
सोमवार को भाजपा की कर्नाटक इकाई ने बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह को पत्र लिखकर मंगलवार को होने वाले खालिद से जुड़े कार्यक्रम को रद्द करने का अनुरोध किया था। पार्टी ने कहा था कि खालिद गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है और ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन करना आपराधिक तत्वों को प्रोत्साहित करने के बराबर होगा।
सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम में ‘उमर खालिद और उसकी दुनिया’ के संपादक पुस्तक के कुछ अंश पढ़ सकते हैं, जिसके बाद एक चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें कुछ “इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों” के हिस्सा लेने की संभावना है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो पोस्ट में दावा किया कि कार्यक्रम को लेकर आपत्ति दर्ज कराए जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस और अधिकारियों ने इसके आयोजन की अनुमति दे दी है।
उन्होंने कहा, “कर्नाटक की कांग्रेस सरकार खुलेआम राष्ट्र-विरोधी तत्वों का समर्थन कर रही है। बेंगलुरु में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करके जेल में बंद उमर खालिद का महिमामंडन किया जा रहा है। उमर खालिद वही व्यक्ति है, जिसे उच्चतम न्यायालय ने जमानत देने से कई बार इनकार किया है और उसे 2020 के दिल्ली दंगों का मुख्य साजिशकर्ता बताया है।”
पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस ने उमर खालिद, अफजल गुरु, याकूब मेमन और शरजील इमाम का लगातार समर्थन किया है। और अब वह बेंगलुरु में खालिद के विचारों और दृष्टिकोण पर चर्चा के लिए एक कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति देकर एक बार फिर उसका समर्थन और महिमामंडन कर रही है।”