1,300 की आबादी वाले गांव में 27,000 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी गठित की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-01-2026
27,000 birth-death certificates in a village with a population of 1,300, Maharashtra government forms SIT
27,000 birth-death certificates in a village with a population of 1,300, Maharashtra government forms SIT

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
महाराष्ट्र सरकार ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। अधिकारियों के अनुसार, करीब 1,300 की आबादी वाले एक गांव में लगभग 27,000 जन्म और मृत्यु पंजीकरण दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है।
 
शेंदुरसनी ग्राम पंचायत की आबादी जहां लगभग 1,300 है, वहीं सीआरएस के माध्यम से जारी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों की संख्या करीब 27,000 बताई गई है।
 
यह आंकड़ा गांव की जनसांख्यिकीय स्थिति से पूरी तरह बेमेल है और इससे डिजिटल पंजीकरण मंच के दुरुपयोग, छेड़छाड़ या धोखाधड़ी की प्रबल आशंका उत्पन्न हुई है।
 
एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पंजीकरण आंकड़ों में अत्यंत असामान्य और चिंताजनक असंतुलन सामने आया है।
 
अधिकारियों ने दिसंबर में बताया था कि केवल तीन महीनों में गांव में 27,398 ‘विलंबित जन्म पंजीकरण’ दर्ज किए गए।
 
इस मामले में यवतमाल शहर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी के अनुसार, फिलहाल जांच का नेतृत्व यवतमाल के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कर रहे हैं।