नोएडा में ATS की कार्रवाई, ISI साजिश नाकाम

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 24-04-2026
ATS Operation in Noida: ISI Plot Foiled
ATS Operation in Noida: ISI Plot Foiled

 

नई दिल्ली/नोएडा:

उत्तर प्रदेश एंटी टेरर स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और भारत में आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान (20) और दिल्ली के ओल्ड सीमापुरी निवासी समीर खान (20) के रूप में हुई है। ATS के अनुसार, दोनों आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टरों और ISI समर्थित तत्वों के संपर्क में आए थे और उन्हें भारत की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा था।

ATS द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ लखनऊ स्थित ATS थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023, आर्म्स एक्ट 1959 और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) 1967 की धाराएं शामिल हैं। आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर, ISI के इशारे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम के माध्यम से भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे। उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलते हुए ‘स्लीपर सेल’ का हिस्सा बनाने और आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश की जा रही थी।

ATS की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट, कुछ कट्टरपंथी यूट्यूब चैनलों के जरिए भारत में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे थे। उनका उद्देश्य युवाओं को पैसे का लालच देकर संवेदनशील स्थानों की रेकी करवाना और बाद में हमले करवाना था।

पूछताछ में तुषार चौहान ने बताया कि वह सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर इन लोगों के संपर्क में आया। उसने शहजाद भट्टी से जुड़ने के लिए उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया। बाद में उसने व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए सीधे संपर्क स्थापित किया।

तुषार के मुताबिक, उसे कुछ खास लोगों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने और हत्या करने जैसे निर्देश दिए गए थे। इसके बदले उसे पहले 50,000 रुपये और काम पूरा होने पर 2.5 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। साथ ही उसे पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजने का भी लालच दिया गया था।

ATS ने बताया कि आरोपियों के पास से एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और एक चाकू बरामद किया गया है। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन से भी कई अहम सबूत मिले हैं, जो उनके आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की पुष्टि करते हैं।

दूसरे आरोपी समीर खान को भी सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क में शामिल किया गया था। उसे ‘टीटीएच’ (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) के नाम से दीवारों पर नारे लिखने और अन्य युवाओं को जोड़ने का काम सौंपा गया था।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की बड़ी साजिश का हिस्सा था। फिलहाल ATS इस मामले में अन्य संदिग्धों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।

सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस पूरे मॉड्यूल का विस्तार से पता लगाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।