जम्मू:
श्री अमरनाथ यात्रा 2026 पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रही है। शनिवार को श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास आधार शिविर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पवित्र गुफा की ओर रवाना हुआ। वहीं, दूसरा जत्था पहलगाम के नुनवान आधार शिविर से पैदल यात्रा शुरू कर दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा की ओर बढ़ा।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी और यातायात प्रबंधन को मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुचारु बनी रहे। यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि व्यापक सुरक्षा इंतजामों से उनमें विश्वास और उत्साह बढ़ा है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उधमपुर स्वास्थ्य विभाग ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की है। टिकरी काली माता मंदिर से लेकर चेनानी-नाशरी सुरंग तक के मार्ग पर दस स्थायी प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, छह अत्याधुनिक जीवन रक्षक एंबुलेंस भी विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर तैनात की गई हैं।
उधमपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल मनहास ने बताया कि इन एंबुलेंसों को इस प्रकार तैनात किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तेजी से निकटवर्ती अस्पतालों तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी सक्रिय हैं। ओम शिव शक्ति सेवा लंगर समिति के अध्यक्ष वरिंदर मलिक ने बताया कि उनकी संस्था ने 24 घंटे संचालित होने वाला चिकित्सा शिविर स्थापित किया है। यहां पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर, रक्तचाप और मधुमेह से संबंधित दवाएं, एंबुलेंस सुविधा तथा तीनों समय भोजन (भंडारा) की व्यवस्था की गई है। यह सेवा 28 अगस्त तक लगातार जारी रहेगी।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और देश के अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने यात्रा प्रबंधन की सराहना की। विशेष रूप से रामबन प्रशासन द्वारा चंदरकोट यात्री निवास में उपलब्ध कराई गई स्वच्छता, आवास और अन्य सुविधाओं की उन्होंने प्रशंसा की। तिरंगे की रोशनी से सजे यात्री निवास ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।
यात्रा मार्ग पर किए गए इंजीनियरिंग कार्यों की भी यात्रियों ने सराहना की। चंडीगढ़ से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि पहले बालटाल से पवित्र गुफा तक का रास्ता बेहद कठिन और जोखिम भरा था, लेकिन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और 122 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (आरसीसी) ने मार्ग के रखरखाव और सुधार का उत्कृष्ट कार्य किया है। इससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है।
प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में बाबा अमरनाथ के दर्शन कर सकें।