हमेशा निष्पक्षता का प्रयास किया, किसी को नियम से परे जाकर बोलने का विशेषाधिकार नहीं: बिरला

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-03-2026
Always tried to be impartial, no one has the privilege to speak beyond the rules: Birla
Always tried to be impartial, no one has the privilege to speak beyond the rules: Birla

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने निष्पक्षता और नियमों के अनुरूप सदन की कार्यवाही संचालित करने का प्रयास किया है तथा किसी भी सदस्य को नियमों से परे जाकर बोलने का विशेषाधिकार नहीं है।

बिरला ने विपक्ष द्वारा उनके खिलाफ लाए गए संकल्प को सदन द्वारा अस्वीकार किए जाने पर सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह पूरी निष्ठा और संवैधानिक मर्यादा के साथ जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करेंगे।
 
उन्होंने कहा, ‘‘सदन द्वारा मुझ पर व्यक्त किए गए विश्वास के लिए सभी का आभार व्यक्त करता हूं, इस विश्वास को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए पूरी निष्ठा, निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा के साथ निभाऊंगा।’’
 
बिरला ने कहा कि उनके खिलाफ लाए गए संकल्प पर सदन में पिछले दो दिन में हुई चर्चा में ‘‘कुछ सदस्यों का मानना था कि नेता प्रतिपक्ष सदन से ऊपर हैं और किसी भी विषय पर बोल सकते हैं, लेकिन ऐसा विशेषाधिकार किसी को नहीं है और सभी को नियम के अनुसार ही बोलने का अधिकार है। ये नियम सदन ने ही बनाए हैं और मुझे विरासत में मिले हैं।’’
 
बिरला ने कहा, ‘‘चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोकने की बात की। सदन के नेता हों या प्रतिपक्ष के नेता या कोई मंत्री, सभी को नियमों के तहत और प्रक्रिया के तहत बोलने का अधिकार है।’’
 
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों को भी वक्तव्य देने के लिए अध्यक्ष से अनुमति लेनी पड़ती है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा यह प्रयास किया है कि लोकसभा में प्रत्येक सदस्य नियमों के अनुसार अपने विचार रखें, इसके लिए सभी को समय देने का प्रयास किया है।’’
 
बिरला ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा यह प्रयास किया कि सदन की कार्यवाही निष्पक्षता, अनुशासन, संतुलन और नियमों के साथ संचालित हो।’’
 
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मैंने अपने नैतिक कर्तव्य का पालन करते हुए अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के साथ ही लोकसभा की कार्यवाही के संचालन से खुद को अलग कर लिया।’’
 
उन्होंने आसन द्वारा विपक्षी सदस्यों के बोलते समय माइक बंद किए जाने के आरोपों पर कहा, ‘‘अध्यक्ष के पास माइक ऑन करने या बंद करने का अधिकार नहीं है। विपक्ष के जो नेता पीठासीन सभापति होते हैं उनको इस बारे में पता है।’’
 
बिरला गत 10 फरवरी को विपक्ष द्वारा अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपे जाने के बाद से आज पहली बार सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे थे।