आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इंडिगो ने विमानन नियामक डीजीसीए को बताया है कि संशोधित पायलट ड्यूटी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक परिचालन, ‘रोस्टरिंग’ और निगरानी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
विमान कंपनी इंडिगो को दिसंबर में बड़े पैमाने पर परिचालन संबंधी व्यवधान के बाद नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।
विमानन कंपनी को नए उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) मानकों पर मिली अस्थायी छूट मंगलवार को समाप्त होने के बाद, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को बयान जारी कर कंपनी की ओर से दी गई प्रगति रिपोर्ट एवं आश्वासन की जानकारी दी।
इंडिगो में परिचालन का अत्यधिक अनुकूलन, अपर्याप्त नियामक तैयारी, सिस्टम सॉफ्टवेयर समर्थन में कमियां एवं प्रबंधन संरचना और परिचालन नियंत्रण में खामियां उन प्रमुख कारणों में से थीं जिनके कारण व्यवधान उत्पन्न हुए, जिसके बाद डीजीसीए ने विमानन की शीतकालीन निर्धारित उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती भी की थी।
इंडिगो के तीन से पांच दिसंबर के बीच 2,507 उड़ानें रद्द किए जाने की पृष्ठभूमि में, डीजीसीए ने संशोधित एफडीटीएल मानकों के क्रियान्वयन में कुछ ढील देने के लिए विमानन कंपनी के अनुरोध को 10 फरवरी तक का समय दिया था।
डीजीसीए की ओर से बुधवार को जारी बयान के अनुसार, इंडिगो ने बताया है कि दिया गया समय समाप्त होने के बाद वह वैधानिक प्रावधानों के पालन और नौ अक्टूबर 2025 को स्वीकृत एफडीटीएल योजना को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विमानन कंपनी ने कहा कि 11 फरवरी 2026 से स्वीकृत एफडीटीएल योजना के पूर्ण अनुपालन के लिए सभी जरूरी परिचालन, ‘रोस्टरिंग’ और निगरानी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।