आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल में सितंबर में हुए ‘जेन जेड’ के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रहे पहले आम चुनाव में शनिवार को भारी जीत की ओर अग्रसर है।
राजनीतिक रूप से अस्थिर राष्ट्र में स्थापित राजनीतिक दलों के प्रभुत्व को ध्वस्त करते हुए आरएसपी के इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने की संभावना है।
नेपाल के निर्वाचन आयोग ने कुल 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 161 निर्वाचन क्षेत्रों से उपलब्ध आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि बृहस्पतिवार को हुए चुनाव में आरएसपी ने काठमांडू जिले के सभी 10 निर्वाचन क्षेत्रों में सूपड़ा साफ करते हुए 27 सीट पर जीत दर्ज की है।
नेपाली कांग्रेस ने पांच सीट पर जीत हासिल की है, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने दो सीट जीती हैं। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी)(सीपीएन-यूएमएल) ने एक सीट जीती है।
निर्वाचन आयोग के सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, आरएसपी 97 अन्य सीट पर आगे है, नेपाली कांग्रेस, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी और सीपीएन (यूएमएल) 10-10 सीट पर आगे हैं, जबकि श्रम संस्कृति पार्टी पांच सीट पर आगे है। अन्य पार्टी दो-दो सीट पर आगे हैं।
काठमांडू के महापौर रहे बालेंद्र शाह ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष के पी शर्मा ओली के गढ़ में अब तक 39,284 वोट हासिल किए हैं। ओली को अब तक 10,293 वोट मिले हैं।
‘बालेन’ के नाम से जाने जाने वाले 35 वर्षीय इंजीनियर के नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है, जो स्थापित दलों के प्रति जनता की अस्वीकृति को दर्शाता है। नेपाल में पिछले 18 वर्षों में 14 सरकार बन चुकी हैं।
भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है। वह राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।