अहमदाबाद दमकल कर्मियों ने लड़ी कठिन जंग

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-06-2026
Ahmedabad firefighters fought a tough battle
Ahmedabad firefighters fought a tough battle

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
आज से ठीक एक साल पहले, दोपहर में अहमदाबाद के आसमान में घना धुआं छा गया था, जब लंदन जा रहा एयर इंडिया का एक विमान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट दुर्घटनाग्रस्त होकर आग के गोले में तब्दील हो गया। विमान में बड़ी मात्रा में विमानन ईंधन होने के कारण तापमान लगभग 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
 
अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे के लिए यह किसी दु:स्वप्न से कम नहीं था। पदभार संभालने के महज तीन महीने बाद उन्हें और उनकी टीम को लगभग 10 घंटे तक चले एक बड़े बचाव अभियान का नेतृत्व करना पड़ा, जिसने उनके प्रशिक्षण और धैर्य दोनों की परीक्षा ली।
 
दुर्घटना के एक वर्ष बाद उस दिन को याद करते हुए डोंगरे ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से कहा कि यह अभियान उनके 22 वर्ष से अधिक लंबे करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण घटनाओं में से एक था।
 
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली और मुंबई अग्निशमन सेवाओं में कार्य करते हुए मैंने ऊंची इमारतों और झुग्गी बस्तियों से जुड़ी अनेक आपात स्थितियों का सामना किया है, लेकिन इस तरह की घटना पहली बार देखी।’’
 
दुर्घटनास्थल का दृश्य भयावह था। विमान के मलबे से आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा था, कई वाहन आग की चपेट में थे और मेघाणीनगर क्षेत्र घने धुएं से ढका हुआ था। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए थे, जबकि दमकल कर्मी आग की लपटों के बीच जीवित लोगों की तलाश कर रहे थे। इस दौरान एलपीजी सिलेंडरों में विस्फोट और जलते पेड़ों से भी खतरा बना हुआ था।
 
डोंगरे ने कहा कि पुलिस, हवाई अड्डा प्रशासन और एम्बुलेंस सेवाओं के साथ बेहतर समन्वय के कारण 28 लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका।
 
उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई व्यक्ति पीछे न छूट जाए, बचाव दल ने प्रभावित इमारतों के हर हिस्से की चार-चार बार तलाशी ली।
 
गत वर्ष 12 जून को लंदन जा रही एअर इंडिया की उड़ान एआई-171 अपराह्न 1.41 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में हादसे के स्थल के पास स्थित एक चिकित्सा संस्थान में मौजूद 19 अन्य लोग भी शामिल थे। हादसे में केवल एक यात्री जीवित बचा था।
 
डोंगरे ने बताया कि उन्हें दोपहर 1.43 बजे जमालपुर स्थित कार्यालय में नियमित कार्य के दौरान विमान दुर्घटना की सूचना मिली थी।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमें कॉल मिल रही थी और उसी दौरान हवाईअड्डा प्राधिकरण से हॉटलाइन पर भी दो-तीन कॉल आईं। सभी कॉल में बताया गया कि मेघाणीनगर के पास एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।’’मिका निभाई।