Additional excise duty on tobacco, health cess on pan masala to be implemented from February 1
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर एक फरवरी से लागू होंगे। सरकार ने यह जानकारी दी।
वित्त मंत्रालय द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, तंबाकू और पान मसाला पर लगने वाले नए कर, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के अतिरिक्त होंगे। ये उस क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेंगे जो वर्तमान में ऐसे ‘‘हानिकारक उत्पादों’’ पर लगाया जा रहा है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, एक फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इसी तरह के उत्पादों पर 40 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा जबकि ‘बीड़ी’ पर 18 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा। इसके अतिरिक्त, पान मसाला पर स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाया जाएगा जबकि तंबाकू एवं संबंधित उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगेगा।
तंबाकू उत्पादों (चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू, गुटखा) के लिए एक नई एमआरपी-आधारित मूल्यांकन प्रणाली शुरू की गई है जिसके तहत ‘पैकेट’ पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर जीएसटी मूल्य निर्धारित किया जाएगा।
गुटखा पर 91 प्रतिशत, चबाने वाले तंबाकू पर 82 प्रतिशत और जर्दा सुगंधित तंबाकू पर 82 प्रतिशत का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा।
सिगरेट की लंबाई व फिल्टर के आधार पर प्रति 1,000 ‘स्टिक’ पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक का कर लगेगा।
उत्पाद शुल्क से प्राप्त धनराशि का पुनर्वितरण वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों के बीच किया जाएगा। केंद्र सरकार का कर राजस्व, विभाज्य निधि का हिस्सा है जिसका 41 प्रतिशत राज्यों के बीच साझा किया जाता है।