53.242 acres near Race Course, close to PM's residence, taken over, handed over to CPWD
नई दिल्ली
अधिकारियों ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास रेस कोर्स इलाके में 53.242 एकड़ ज़मीन अपने कब्ज़े में ले ली और इसकी देखभाल और रखरखाव के लिए यह प्रॉपर्टी सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट (CPWD) को सौंप दी। यह कब्ज़ा 27 अगस्त, 2026 को एस्टेट सर्विस ऑर्गनाइज़ेशन (ESO) के 11 अगस्त के आदेश और उसके बाद 26 अगस्त के आदेश/पत्र के पालन में लिया गया। प्रॉपर्टी सौंपने और लेने के दस्तावेज़ में दर्ज है कि ज़मीन "जैसी है, जहाँ है" (as is, where is) के आधार पर वापस ली गई है। लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने यह प्रॉपर्टी CPWD के E-डिविजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सौंपी। L&DO और CPWD के अधिकारियों ने 53.242 एकड़ ज़मीन के कब्ज़े के हस्तांतरण को औपचारिक रूप से दर्ज करने के लिए दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए।
यह कार्रवाई 11 अगस्त, 2026 को एस्टेट ऑफिसर द्वारा जारी बेदखली के आदेश से जुड़ी कार्यवाही में पटियाला हाउस कोर्ट्स, नई दिल्ली ज़िले के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के 25 अगस्त के आदेश के बाद की गई है। कोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब (1940) लिमिटेड की उस अर्ज़ी को खारिज कर दिया जिसमें एस्टेट ऑफिसर के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने दर्ज किया कि एस्टेट ऑफिसर ने दिल्ली रेस क्लब को अपना जवाब और सबूत पेश करने के कई मौके दिए थे। हालाँकि, मौके मिलने के बावजूद क्लब अपना जवाब और सबूत दाखिल करने में विफल रहा, जिसके बाद एस्टेट ऑफिसर ने रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई की।
कोर्ट ने क्लब के इस तर्क पर भी विचार किया कि उसे अपना पक्ष रखने का उचित मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और दर्ज किया कि कार्यवाही से पता चलता है कि क्लब को पर्याप्त मौके दिए गए थे।
यह कार्यवाही पब्लिक प्रिसिसेस (अनऑथराइज़्ड ऑक्यूपेंट्स की बेदखली) एक्ट की धारा 5 के तहत बेदखली से संबंधित है। कोर्ट ने दर्ज किया कि 12 मार्च, 2026 को एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें दिल्ली रेस क्लब से परिसर खाली करने और 15 दिनों के भीतर L&DO को शांतिपूर्ण कब्ज़ा सौंपने के लिए कहा गया था। लीज के मामले पर, कोर्ट ने गौर किया कि दिल्ली रेस क्लब को दी गई लीज को 1994 के बाद किसी भी दस्तावेज़ के ज़रिए रिन्यू नहीं किया गया था। कोर्ट ने 'दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाम आनंद राज एजेंसीज़ प्राइवेट लिमिटेड' मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का भी ज़िक्र किया और कहा कि लीज खत्म होने के बाद सिर्फ़ किराया देने से ही लीज रिन्यू नहीं हो जाती।
इसके आधार पर, कोर्ट ने पाया कि दिल्ली रेस क्लब अंतरिम रोक (interim stay) पाने के लिए शुरुआती तौर पर कोई ठोस मामला नहीं बना पाया है और उनकी अर्ज़ी खारिज कर दी। मुख्य मामले की सुनवाई 26 सितंबर, 2026 के लिए तय की गई है।
इस कार्यवाही में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व सेंट्रल गवर्नमेंट स्टैंडिंग काउंसिल के वकील आशीष के. दीक्षित कर रहे हैं। कोर्ट में चल रही कार्यवाही रेस कोर्स की ज़मीन से जुड़े सरकार के एक्शन और बेदखली की कार्यवाही को दिल्ली रेस क्लब द्वारा चुनौती देने से संबंधित है।