मुंबई
Maharashtra सरकार ने मुंबई के प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल Gateway of India पर बढ़ती पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए एक आधुनिक जेट्टी विकसित करने की योजना बनाई है। यह जानकारी राज्य के बंदरगाह विकास मंत्री Nitesh Rane ने विधानसभा में दी।
मंत्री ने बताया कि गेटवे ऑफ इंडिया क्षेत्र में यात्रियों की भारी आवाजाही के कारण अक्सर भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार नई जेट्टी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है, जिससे न केवल भीड़ कम होगी बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहां कुल पांच जेट्टी मौजूद हैं, जिनमें से जेट्टी नंबर 1 से 4 आम यात्रियों के लिए उपयोग में लाई जाती हैं और इनका प्रबंधन Mumbai Port Trust द्वारा किया जाता है। वहीं, जेट्टी नंबर 5 को निजी और बड़े यॉट्स के लिए विकसित करने की योजना है, जिससे अन्य जेट्टी पर दबाव कम होगा।
सरकार ने जेट्टी नंबर 5 से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार से भी संपर्क किया है। इनमें अनुमति प्रक्रिया, टैरिफ ढांचा और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलू शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि मौजूदा राजस्व साझेदारी मॉडल को लेकर जनता में असंतोष है, क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा निजी कंपनी को जाता है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार ने 16 फरवरी को Ministry of Ports, Shipping and Waterways को पत्र लिखकर समीक्षा की मांग की है।
नितेश राणे ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य मुंबई को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन और समुद्री हब बनाना है। इसके लिए जेट्टी प्रबंधन को मजबूत करने, आधुनिक नावों को बढ़ावा देने, मरीना विकसित करने और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके साथ ही मछुआरों और नाव संचालकों की आय बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। पारंपरिक लकड़ी की नावों के स्थान पर आधुनिक नौकाओं को अपनाने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और इलेक्ट्रिक बोट्स को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती प्रदान करेगी।