रामायण के 'इस्लामीकरण' का इल्जाम, आदिपुरुष के निर्देशक को ब्राह्मण महासभा ने भेजा नोटिस

Story by  राकेश चौरासिया | Published by  [email protected] • 3 Months ago
रामायण के 'इस्लामीकरण' का इल्जाम, आदिपुरुष के निर्देशक को ब्राह्मण महासभा ने भेजा नोटिस

जयपुर. सर्व ब्राह्मण महासभा ने गुरुवार को प्रभास और कृति सनोन की फिल्म 'आदिपुरुष' के निर्देशक ओम राउत को नोटिस भेजकर सात दिनों में फिल्म से विवादास्पद ²श्यों को हटाने के लिए कहा या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए कहा है. सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा की ओर से एडवोकेट कमलेश शर्मा ने नोटिस भेजा है.

इस नोटिस में लिखा है, "इस फिल्म में हिंदू देवी-देवताओं का चित्रण गलत तरीके से किया जा रहा है. इस फिल्म में हिंदू देवी-देवताओं को बेहद विकृत रूप में चमड़े के कपड़े पहने दिखाया गया है और उन्हें अभद्र तरीके से बोलते हुए देखा जा रहा है. सच तो यह है कि फिल्म में बहुत ही निम्न स्तर की भाषा का प्रयोग किया गया है जो धार्मिक भावनाओं को भड़काने और आहत करने वाली है. फिल्म में धार्मिक और जातिगत नफरत फैलाने वाले संवाद और चित्रण हैं. रामायण हमारा इतिहास और हमारी आत्मा है, हालांकि आदिपुरुष में भगवान हनुमान एक मुगल के रूप में दिखाया गया है."

"कौन सा हिंदू बिना मूंछ के दाढ़ी रखता है जो भगवान हनुमानजी को दिखाया गया है." "यह फिल्म रामायण और भगवान राम, मां सीता, भगवान हनुमान का पूर्ण इस्लामीकरण है. आदिपुरुष फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे सैफ अली खान भी तैमूर और खिलजी की तरह दिखते हैं. फिल्म देश में धार्मिक भावनाओं को भड़काकर एक खास वर्ग के बीच नफरत फैलाने वाली है. इंटरनेट के माध्यम से इस तस्वीर का खूब प्रचार किया जा रहा है, जो हमारे समाज और देश के लिए पूरी तरह से हानिकारक है."

नोटिस में कहा गया है, "आप ऐसी फिल्म बना रहे हैं जिससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हों. आपसे अनुरोध है कि लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करें, लोगों की आस्था को कलंकित न करें और फिल्म को वैसा ही चित्रित करें जैसा कि रामायण और रामचरित मानस में दर्शाया गया है." इस नोटिस में आगे कहा गया है, "अत: कानूनी नोटिस भेजकर अनुरोध किया जाता है कि उपरोक्त कृत्यों के लिए सार्वजनिक रूप से सात दिनों में माफी मांगते हुए सभी संवाद चित्रों को हटा दें अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी."