आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
गोवा सरकार के वन मंत्री विश्वजीत राणे ने मंगलवार को कहा कि केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों द्वारा अपनाए गए मॉडल का अध्ययन करने के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन नीति तैयार की जाएगी।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष यूरी अलेमाओ के एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह बात कही।
मंत्री ने कहा कि उन्हें इस समस्या की गंभीरता का पता है क्योंकि पैंथर, बायसन, बंदर और तेंदुए जैसे जंगली जानवर मानव बस्तियों में घुस रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि यह एक गंभीर मुद्दा है। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है कि हम जंगल क्षेत्रों में सही पारिस्थितिकी तंत्र बनाएं ताकि वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास में ही रहें।”
राणे ने कहा कि उनका विभाग मानव बस्तियों में जंगली जानवरों के घुसने की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए एक नीति तैयार करेगा।
जब अलेमाओ ने बताया कि कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों ने भी इसी तरह की नीतियां बनाई हैं, तो राणे ने कहा कि गोवा सरकार उनका अध्ययन करेगी।