आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वॉशिंगटन डीसी से आई एक नई वैज्ञानिक रिपोर्ट में मानव मस्तिष्क के विकास को लेकर रोचक खुलासा हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान हार्मोन का स्तर इंसान के दिमाग के आकार को प्रभावित कर सकता है, और इसका संकेत उंगलियों की लंबाई में छिपा हो सकता है।
यह अध्ययन स्वानसी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन मैनिंग और उनकी टीम ने इस्तांबुल यूनिवर्सिटी के मानवविज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर किया। शोध में 225 नवजात शिशुओं 100 लड़कों और 125 लड़कियों का परीक्षण किया गया। वैज्ञानिकों ने शिशुओं की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) और अनामिका (रिंग फिंगर) की लंबाई के अनुपात, जिसे 2D:4D रेशियो कहा जाता है, का अध्ययन किया।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह अनुपात गर्भ के पहले तीन महीनों में एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के संतुलन को दर्शाता है। यदि गर्भ में एस्ट्रोजन का स्तर अधिक होता है, तो तर्जनी उंगली अनामिका से लंबी होती है और 2D:4D रेशियो ज्यादा माना जाता है।
अध्ययन में पाया गया कि जिन नवजात लड़कों का 2D:4D रेशियो अधिक था, उनका सिर का घेरा भी बड़ा था। सिर का घेरा मस्तिष्क के आकार से जुड़ा माना जाता है। हालांकि यह संबंध लड़कियों में नहीं पाया गया।
प्रोफेसर मैनिंग के अनुसार, यह खोज मानव विकास की उस थ्योरी से जुड़ी है, जिसमें कहा गया है कि इंसानों में मस्तिष्क के आकार में वृद्धि के साथ शरीर की बनावट में भी बदलाव आया। हालांकि अधिक 2D:4D रेशियो को पुरुषों में हृदय रोग, कम शुक्राणु संख्या और मानसिक रोगों की संभावना से भी जोड़ा गया है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि गर्भ में एस्ट्रोजन का प्रभाव मानव मस्तिष्क के विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकता है, भले ही इसके कुछ जैविक दुष्प्रभाव भी हों।