वाहनों की खुदरा बिक्री जून में 21.83 प्रतिशत बढ़कर 25.57 लाख इकाई : फाडा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-07-2026
Retail vehicle sales up 21.83% to 25.57 lakh units in June: FADA
Retail vehicle sales up 21.83% to 25.57 lakh units in June: FADA

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 देश में वाहनों की खुदरा बिक्री जून में सालाना आधार पर 21.83 प्रतिशत बढ़कर 25,57,234 इकाई हो गई। वाहन विक्रेता संघ फाडा ने सोमवार को यह जानकारी दी।
 
देश में वाहनों की खुदरा बिक्री जून 2025 में 20,98,996 इकाई रही थी।
 
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) ने बयान में कहा कि यात्री वाहनों (पीवी) की खुदरा बिक्री जून में 28.63 प्रतिशत बढ़कर 4,10,853 इकाई रही जो जून 2025 में 3,19,412 इकाई थी। दोपहिया वाहनों की बिक्री 21.22 प्रतिशत बढ़कर 18,28,458 इकाई हो गई जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 15,08,378 इकाई थी।
 
फाडा के अनुसार, जून में तिपहिया वाहनों की बिक्री 1,04,035 इकाई से सालाना आधार पर 16.2 प्रतिशत बढ़कर 1,20,889 इकाई रही।
 
वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री भी 16.88 प्रतिशत बढ़कर 90,972 इकाई हो गई, जबकि जून 2025 में यह 77,836 इकाई थी।
 
फाडा के अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर ने कहा, ‘‘भारतीय वाहन खुदरा कारोबार के लिए जून एक ऐतिहासिक महीना रहा। यह अब तक का सबसे बेहतर जून का महीना रहा जिसमें दोपहिया, तिपहिया, वाणिज्यिक वाहन, यात्री वाहन और कुल पंजीकरण सभी खंडों में अब तक का रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज हुआ।’’
 
जुलाई के परिदृश्य पर फाडा ने कहा कि उद्योग जगत के डीलर का रुख सकारात्मक बना हुआ है। 51.24 प्रतिशत डीलर को वृद्धि की उम्मीद है, 41.79 प्रतिशत बाजार के स्थिर रहने का अनुमान लगा रहे हैं, जबकि केवल 6.97 प्रतिशत को गिरावट की आशंका है।
 
वाहन डीलर संगठन ने कहा, ‘‘ उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि मानसून अपनी कमी पूरी करेगा, खरीफ बुवाई गति पकड़ेगी और पश्चिम एशिया में युद्धविराम तथा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी।’’
 
फाडा ने कहा, ‘‘ कुल मिलाकर जुलाई 2026 का परिदृश्य सतर्कतापूर्ण आशावादी दिखता है। त्योहारी मौसम से पहले मानसून की भरपाई और ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह प्रमुख कारक रहेंगे।’’
 
बयान के अनुसार, यात्री वाहन खंड ने जुलाई में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और सीएनजी मॉडल की मजबूत बुकिंग तथा नए मॉडल पेश किए जाने के साथ प्रवेश किया है, जबकि माल ढुलाई तथा बुनियादी ढांचा गतिविधियों के चलते वाणिज्यिक वाहन खंड स्थिर रहने की संभावना है।