आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 30.7 प्रतिशत बढ़कर 13,60,687 इकाई हो गई। भारतीय वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
संगठन ने कहा कि जीएसटी 2.0 के बाद वाहनों का किफायती होना, मजबूत मांग और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों ने इस वृद्धि को समर्थन दिया। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी (अक्टूबर 2026 से मार्च 2027) छमाही में वाहन उद्योग में वृद्धि का रुझान बना रहने की उम्मीद है। हालांकि, पिछले वर्ष के ऊंचे आधार के कारण वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है।
सियाम के अनुसार, ‘‘त्योहारों के मौसम, नए उत्पादों की पेशकश, बुनियादी ढांचे पर खर्च और पुराने वाहनों को बदलने की मांग से वाहन बाजार को समर्थन मिल रहा है। यात्री वाहनों की बिक्री में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। नए मॉडल पेश किए जाने से ग्राहकों की रुचि और मांग बनी रहने की संभावना है।’’
हालांकि, पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊंचे आधार और माल ढुलाई संबंधी बाधाओं से दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में यात्री वाहनों का निर्यात 5.2 प्रतिशत घटकर 2.29 लाख इकाई रह गया।