एआई को अपनाएं या पिछड़ जाएं : सैंडबॉक्सएक्यू के सीईओ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-01-2026
Embrace AI or get left behind: SandboxAQ CEO
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आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 संस्था सैंडबॉक्सएक्यू के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जैक हिडारी ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) को अपनाएं या पिछड़ जाएं...चाहे व्यक्ति हों, निगम हों या सरकारें हों, यही एकमात्र विकल्प है।

उन्होंने साथ ही कहा कि भारत एआई के साथ सही राह पर दिख रहा है जो भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने की अपार क्षमता प्रदान करती है।
 
सैंडबॉक्सएक्यू, गूगल की अल्फाबेट इंक में एक महत्वाकांक्षी इकाई के रूप में जन्मी और अब एक स्वतंत्र एवं प्रभावशाली कंपनी बन गई है।
 
जैक हिडारी ने 2016 में अल्फाबेट में एआई और क्वांटम प्रौद्योगिकियों पर एक सैंडबॉक्स या अनुसंधान समूह शुरू किया था। इसे 2022 में एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अलग कर दिया गया। इसके निवेशकों में गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट (वर्तमान में सैंडबॉक्सएक्यू के चेयरमैन) सेल्सफोर्स के सीईओ मार्क बेनियॉफ, टी रो प्राइस और कई अन्य शामिल हैं।
 
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में हिडारी ने अपने ‘‘ एआई या डाई’’ (एआई को अपनाएं या पिछड़ जाएं) सिद्धांत को विस्तार से समझाया। यह उनकी आगामी पुस्तक का भी शीर्षक है, जिसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि एआई को केवल सामग्री निर्माण तक सीमित न रखकर व्यापक स्तर पर अपनाने की तात्कालिक जरूरत है।
 
उन्होंने कहा कि इसका मूल संदेश यह है कि जो कंपनियां एआई अपनाएंगी वे आगे बढ़ेंगी जबकि इसे नजरअंदाज करने वाली कंपनियां टिक नहीं पाएंगी।
 
हिडारी ने मौजूदा दौर को सभी उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि एआई अब कोई ‘‘अच्छा विकल्प’’ नहीं, बल्कि व्यवसाय के अस्तित्व के लिए अनिवार्य हो गया है।
 
उन्होंने विभिन्न उद्योगों के उदाहरण देते हुए कहा कि एआई कैंसर, अल्जाइमर और अन्य बीमारियों के लिए दवाओं की खोज की प्रक्रिया को तेज कर देता है जबकि पारंपरिक तरीकों में इसमें लगभग 15 साल लगते हैं।