रश्मिका मंदाना ने शादी में क्यों नहीं पहने हीरे? ऑल-गोल्ड ब्राइडल लुक के पीछे की खास वजह आई सामने

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari | Date 27-02-2026
Why didn't Rashmika Mandanna wear diamonds at her wedding? The reason behind her all-gold bridal look has been revealed.
Why didn't Rashmika Mandanna wear diamonds at her wedding? The reason behind her all-gold bridal look has been revealed.

 

ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली  

26 फरवरी 2026 का दिन साउथ फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस के लिए हमेशा खास रहेगा, क्योंकि इसी दिन Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda ने पारंपरिक आंध्र रीति-रिवाजों के साथ शादी रचाई। कई सालों तक अपने रिश्ते को मीडिया और पब्लिक लाइमलाइट से दूर रखने के बाद इस कपल ने आधिकारिक तौर पर अपनी शादी की तस्वीरें शेयर कीं और अपनी खूबसूरत लव स्टोरी पर हमेशा के लिए मुहर लगा दी। जैसे ही शादी की तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर तहलका मच गया। हालांकि हर तस्वीर बेहद ड्रीमी थी, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा रश्मिका का ऑल-गोल्ड ब्राइडल लुक, जिसमें उन्होंने एक भी महंगा हीरा या डायमंड ज्वेलरी नहीं पहनी।

रश्मिका मंडाना ने अपनी शादी के लिए रस्ट कलर की पारंपरिक साड़ी चुनी, जिसे उन्होंने शुद्ध सोने के गहनों के साथ स्टाइल किया। उन्होंने गोल्ड ज्वेलरी पहनी, जिसमें मल्टी-लेयर्ड गोल्ड हारम, गोल्ड बीड्स से सजा लंबा हार, बीच में बड़ा चोकर वाला फिटेड नेकलेस, पारंपरिक गोल्ड झुमके, माथा-पट्टी, कमरबंद और ढेर सारी सोने की चूड़ियां शामिल थीं। उनके पूरे लुक में कहीं भी डायमंड या कीमती रत्न नजर नहीं आए, फिर भी उनका ब्राइडल अवतार बेहद रॉयल और ग्रेसफुल लग रहा था। उनका ग्लो सिर्फ गहनों की वजह से नहीं, बल्कि उस खास पल की खुशी और भावनाओं की वजह से भी साफ झलक रहा था।

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अब सवाल उठता है कि आखिर रश्मिका मंडाना ने अपनी शादी में डायमंड ज्वेलरी क्यों नहीं पहनी? दरअसल, साउथ इंडियन वेडिंग ट्रेडिशन में हीरों को कम प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि मान्यता है कि डायमंड में ठंडी ऊर्जा होती है। शादी जैसे पवित्र और शुभ अवसर पर गर्म और सकारात्मक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिसे सोना प्रदान करता है। सोना न सिर्फ समृद्धि, सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है, बल्कि इसे शुभ और मंगलकारी धातु भी माना जाता है। यही कारण है कि दक्षिण भारत की ज्यादातर दुल्हनें अपनी शादी में सोने को प्राथमिकता देती हैं। मान्यता के अनुसार सोना दुल्हन के जीवन में स्थिरता, गर्माहट और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है, जबकि डायमंड इसके विपरीत प्रभाव डाल सकता है। रश्मिका का यह फैसला सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि परंपरा और आध्यात्मिक मान्यताओं का सम्मान भी था।

शादी की तस्वीरों में एक खास पल ऐसा भी था जिसने फैंस को भावुक कर दिया। जब विजय देवरकोंडा रश्मिका के गले में पारंपरिक पीले धागे वाला मंगलसूत्र बांध रहे थे, उस दौरान रश्मिका की आंखें नम हो गईं। वह अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंसुओं से भरी आंखें उस पल की गहराई को बयां कर रही थीं। यह नजारा बेहद भावुक और सच्चा था, जिसने उनकी लव स्टोरी को और भी खास बना दिया। इतने सालों के रिश्ते, उतार-चढ़ाव और निजी पलों के बाद आखिरकार दोनों एक पवित्र बंधन में बंध रहे थे।

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शादी के बाद विजय के छोटे भाई Anand Deverakonda ने भी इस खास मौके पर भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने ‘VIROSH’ वेडिंग की तस्वीरें शेयर करते हुए रश्मिका को अपनी ‘वदिना’ कहकर संबोधित किया। तेलुगु में ‘वदिना’ का मतलब भाभी होता है। आनंद ने अपने नोट में लिखा कि कई बार फैंस उन्हें ‘वदिना, एला उनारू?’ कहकर पुकारते थे और उन्हें समझ नहीं आता था कि कैसे रिएक्ट करें, लेकिन आज उनके भाई की शादी हो चुकी है और उन्हें एक बेहद पॉजिटिव और दयालु वदिना मिली है। उन्होंने दुआ की कि दोनों की मुस्कान हमेशा यूं ही बनी रहे और उनका साथ जिंदगी भर कायम रहे। यह पोस्ट भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और फैंस ने इस नए रिश्ते पर खूब प्यार बरसाया।

वहीं रश्मिका मंडाना ने भी अपनी शादी की तस्वीरें शेयर करते हुए विजय देवरकोंडा को अपने पति के रूप में फैंस से इंट्रोड्यूस किया। उन्होंने अपने नोट में लिखा कि विजय ने उन्हें सच्चे प्यार का मतलब समझाया, खुद पर विश्वास करना सिखाया और बड़े सपने देखने की हिम्मत दी। उन्होंने विजय की जमकर तारीफ की और इस नए सफर को अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय बताया। सालों से जिनकी शादी की खबरों को लेकर अफवाहें उड़ती रहती थीं, आखिरकार उन्होंने अपनी प्रेम कहानी को आधिकारिक रूप दे दिया।

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रश्मिका मंडाना का ऑल-गोल्ड ब्राइडल लुक इस बात का सबूत है कि असली खूबसूरती ट्रेंड्स में नहीं, बल्कि परंपराओं में छिपी होती है। जहां आजकल सेलिब्रिटी ब्राइड्स डायमंड और एक्सपेंसिव स्टोन ज्वेलरी को प्राथमिकता देती हैं, वहीं रश्मिका ने सोने को चुनकर अपनी जड़ों और संस्कृति को सम्मान दिया। उनका यह फैसला न सिर्फ आध्यात्मिक मान्यताओं से जुड़ा था, बल्कि दक्षिण भारतीय शादी की परंपराओं का शानदार प्रतिनिधित्व भी करता है। सच कहें तो बिना किसी डायमंड के भी रश्मिका मंडाना अपने खास दिन पर किसी रानी से कम नहीं लग रही थीं, और उनका यह ऑल-गोल्ड वेडिंग लुक लंबे समय तक चर्चा में बना रहने वाला है।