The first Indian-origin Mrs. South Africa has resigned citing 'personal reasons'.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रतियोगिता के 24 साल के इतिहास में 'मिसेज साउथ अफ्रीका' का ताज पहनने वाली भारतीय मूल की पहली महिला विरुष्का सिंह ने, ताजपोशी के महज चार महीने बाद ही "व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों" का हवाला देते हुए अपना पद छोड़ दिया है।
नवंबर 2025 में सिंह की जीत को दक्षिण अफ्रीका में अल्पसंख्यक भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा गया था।
उनतालीस वर्षीय ‘केमिकल इंजीनियर’ और जलवायु परिवर्तन सलाहकार ने अपने इस फैसले के लिए व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया।
सिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘मैं इस मंच पर सेवा करने के अवसर और उन अविश्वसनीय महिलाओं के साथ खड़े होने का जो सौभाग्य मिला, उसके लिये आभारी हूं। यह निर्णय पूरी तरह से मेरा अपना है, जिसे मैंने अपने परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया है। मैं 'मिसेज साउथ अफ्रीका' और इसके मूल्यों के प्रति केवल प्रशंसा और सम्मान के भाव के साथ इस पद से हट रही हूँ।’’
उनके इस्तीफे की अप्रत्याशित प्रकृति के बावजूद, मिसेज साउथ अफ्रीका संगठन ने विरुष्का के इस फैसले के लिए पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है।
मिसेज साउथ अफ्रीका की सीईओ जोआनी जैकब्स ने सिंह के पेशेवराना अंदाज और छोटे से कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा डाले गए सकारात्मक प्रभाव की प्रशंसा की।
संगठन ने पुष्टि की है कि प्रतियोगिता के 2026 चक्र के लिए सभी निर्धारित कार्यक्रम, परमार्थ पहल और महिला सशक्तीकरण कार्यशालाएं योजना के अनुसार जारी रहेंगी। अब प्रथम उपविजेता कारिका बेब को आधिकारिक तौर पर नई 'मिसेज साउथ अफ्रीका 2026' का ताज पहनाया गया है।