दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की हिरासत में विलंब की याचिका ठुकराई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-02-2026
The Delhi High Court rejected Rajpal Yadav's plea for a delay in his custody.
The Delhi High Court rejected Rajpal Yadav's plea for a delay in his custody.

 

नई दिल्ली

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को अभिनेता राजपाल यादव की चेक बाउंस मामलों में जेल में आत्मसमर्पण की समयसीमा बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यadav को पहले ही 2 फरवरी को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया था और इस पर किसी भी प्रकार की राहत देने का कोई आधार नहीं है।

यादव के वकील ने अदालत से अपील की थी कि उनके मुवक्किल ने 50 लाख रुपये की व्यवस्था कर ली है, इसलिए उन्हें भुगतान करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए। लेकिन न्यायमूर्ति स्वरना कांता शर्मा ने स्पष्ट कहा कि याचिका में कोई वैध कारण नहीं है और उन्हें दो दिन अतिरिक्त समय पहले ही दिया जा चुका है।

अदालत ने टिप्पणी की कि यादव की यह "दया याचिका" नहीं मानी जा सकती, क्योंकि उन्होंने अतीत में कई बार अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया। न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, “उनका व्यवहार पिछले आदेश में उल्लेखित है। उन्होंने कोई भी आदेश या प्रतिबद्धता पूरी नहीं की। इसलिए अब उन्हें कोई सहानुभूति नहीं दी जा सकती।”

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि यादव को शिकायतकर्ता M/s Murali Projects Pvt Ltd को बकाया राशि का भुगतान करना था। यादव पर सात मामलों में कुल 1.35 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी था। अक्टूबर 2025 में अदालत के रजिस्ट्रार जनरल के पास दो डी.डी. के माध्यम से 75 लाख रुपये जमा किए गए, जबकि 9 करोड़ रुपये का भुगतान अब भी लंबित था।

याचिका अदालत में यादव और उनकी पत्नी द्वारा 2019 में सत्र अदालत के फैसले को चुनौती देने के संदर्भ में दायर की गई थी। सत्र अदालत ने अप्रैल 2018 में मैजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा उनके खिलाफ चेक बाउंस मामलों में दोषसिद्धि को बरकरार रखा था।

जून 2024 में हाईकोर्ट ने अस्थायी रूप से उनकी सजा पर स्थगन दिया था, लेकिन यह शर्त लगाई थी कि यादव विपरीत पक्ष के साथ सुलह की वास्तविक कोशिश करें। मैजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी।

अदालत ने यह भी ध्यान दिलाया कि यादव का वकील पहले दावा कर चुका था कि यह लेन-देन एक फिल्म के प्रोडक्शन के लिए था, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अब यादव को 4 फरवरी शाम 4 बजे तक आत्मसमर्पण करना अनिवार्य है और किसी भी अतिरिक्त समय की अनुमति नहीं दी जाएगी।