आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को प्रसिद्ध फिल्मकारविक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के एक मामले में जमानत दे दी।
उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान पुलिस और शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया से 18 फरवरी तक जवाब मांगा है और कहा है कि वह विक्रम भट्ट की जमानत याचिका पर एक दिन बाद विचार कर सकता है।
अजय मुर्डिया ‘इंदिरा आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर’ के संस्थापक और उदयपुर निवासी हैं।
मुर्डिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि भट्ट और उनकी पत्नी ने उन्हें उच्च लाभ का वादा करके उनकी दिवंगत पत्नी की जीवनी पर आधारित फिल्म के निर्माण में 30 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने भट्ट परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी की दलीलों पर गौर किया तथा श्वेतांबरी भट्ट को उदयपुर जेल से तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
पीठ ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को जमानत आदेश पारित करने के लिए कहा, जिसमें नियम और शर्तें स्पष्ट रूप से बताई गई हों।
उच्चतम न्यायालय ने शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया।
रोहतगी ने कहा कि निर्देशक, उनकी पत्नी और अन्य लोगों को जेल में डाल दिया गया है।
इस पर राज्य सरकार के वकील ने कहा, "यह इतना सरल नहीं है... 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला है।"