नई दिल्ली:
बॉलीवुड की प्रतिष्ठित और बहुप्रशंसित एक्ट्रेस शेफाली शाह ने हाल ही में अपने बचपन के कड़वे अनुभवों और जीवन में आई चुनौतियों को साझा किया। 52 साल की शेफाली ने एक इंटरव्यू में बताया कि स्कूल के दिनों में उन्हें लगातार बुलीइंग और अपमान का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा, “मुझे दिखने की वजह से नापसंद किया जाता था। मेरे साथ काम मत करो अगर मैं लायक नहीं हूं, यह तक कह दिया जाता था। मुझे बुरे नाम दिए जाते और कभी-कभी मारपीट भी सहनी पड़ती थी।” ऐसे अनुभवों ने उनके सेल्फ-कॉन्फिडेंस पर गहरा असर डाला। उनका मानना है कि यही कारण है कि आज भी, बड़े कामयाब होने के बावजूद, वे खुद को तारीफ के काबिल नहीं मान पातीं।
शेफाली ने आगे साझा किया कि वह शायद ही कभी आईने में खुद को देखकर कहती हैं, “ओह! मैं अच्छी दिख रही हूं।” उन्होंने स्वीकार किया कि खुद को स्वीकार करना उनके लिए हमेशा आसान नहीं रहा।
इसके अलावा, उन्होंने सोशल मुद्दों जैसे स्ट्रीट हैरेसमेंट पर भी अपनी राय दी। उनके अनुसार, बचपन में मिले डर और लाचारी के अनुभव ने उन्हें जल्दी ही जीवन की सच्चाइयों का सामना करना सिखाया। उन्होंने कहा कि इन कठिनाइयों ने उन्हें न सिर्फ मानसिक रूप से मजबूत बनाया, बल्कि संघर्ष के बावजूद अपने करियर में सफलता पाने की प्रेरणा भी दी।
शेफाली ने यह भी कहा कि उन्होंने कड़ी मेहनत और आत्म-विश्वास के बल पर एक मजबूत पहचान बनाई और खुद को इज्ज़तदार और असरदार एक्ट्रेस के रूप में स्थापित किया। उनका मानना है कि चुनौतियां और मुश्किलें ही इंसान को सशक्त बनाती हैं और उन्हें अपने सफर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
शेफाली शाह की यह कहानी दर्शकों को यह याद दिलाती है कि सफलता केवल टैलेंट से नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष और आत्म-विश्वास से भी मिलती है, और मुश्किलों के बावजूद खुद को पहचानना सबसे बड़ी जीत होती है।






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