शाहरुख खान की 'किंग' पर विवाद, दी चेतावनी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 06-11-2026
Saffron-related controversy over Shah Rukh Khan's 'King'; BJP leader issues warning
Saffron-related controversy over Shah Rukh Khan's 'King'; BJP leader issues warning

 

नई दिल्ली

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की आने वाली फिल्म 'किंग' रिलीज से पहले ही विवादों में घिरती नजर आ रही है। फिल्म के गाने 'तू मिल जाए' में दीपिका पादुकोण की भगवा रंग की पोशाक को लेकर भाजपा नेता रविंद्र सिंह नेगी ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे सनातन धर्म का अपमान बताते हुए फिल्म से संबंधित दृश्य हटाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब शाहरुख खान की फिल्म 'किंग' को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में शाहरुख के साथ उनकी बेटी सुहाना खान भी नजर आने वाली हैं।

दीपिका की भगवा पोशाक पर भाजपा नेता को आपत्ति

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म 'किंग' के हाल में रिलीज हुए गाने 'तू मिल जाए' में दीपिका पादुकोण ने भगवा रंग की पोशाक पहनी है। इसी को लेकर भाजपा नेता रविंद्र सिंह नेगी ने नाराजगी जताई है।

फ्री प्रेस जर्नल के हवाले से सामने आई रिपोर्ट में नेगी ने आरोप लगाया कि फिल्म में भगवा रंग का इस्तेमाल आपत्तिजनक तरीके से किया गया है। उन्होंने इसे सनातन धर्म की भावनाओं से जोड़ते हुए फिल्म निर्माताओं और शाहरुख खान की आलोचना की।

नेगी ने शाहरुख खान के खिलाफ बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने अभिनेता को 'जिहादी' तक कह दिया। हालांकि, यह भाजपा नेता का आरोप है और इसके समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

नेगी ने आरोप लगाया कि फिल्मी सितारे भारत में लोकप्रियता और पैसा हासिल करते हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं का सम्मान नहीं करते। उन्होंने दीपिका पादुकोण को इस पूरे मामले में एक मोहरा बताते हुए विवाद के लिए शाहरुख खान को जिम्मेदार ठहराया।

शाहरुख खान को देशभर में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

भाजपा नेता ने कहा कि यदि फिल्म में कथित रूप से आपत्तिजनक दृश्य नहीं बदला गया तो देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

उन्होंने शाहरुख खान को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ किसी भी तरह का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। नेगी ने फिल्म निर्माताओं से इस मामले में तत्काल कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने दीपिका पादुकोण की भी आलोचना की और कहा कि लोकप्रिय फिल्मी कलाकारों को धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

हालांकि, गाने में भगवा रंग की पोशाक पहनना किस तरह धार्मिक अपमान है, इस बारे में रिपोर्ट में कोई स्पष्ट आधार सामने नहीं आया है।

'पठान' के भगवा बिकिनी विवाद की फिर याद दिलाई

यह पहली बार नहीं है जब शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की किसी फिल्म में भगवा रंग के कपड़ों को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ हो।

साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म 'पठान' के गाने 'बेशरम रंग' में दीपिका पादुकोण की भगवा रंग की बिकिनी पर भी विवाद हुआ था। उस समय कई हिंदू संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने गाने के कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताई थी।

विवाद के दौरान फिल्म के बहिष्कार की मांग भी उठी थी। इसके बावजूद 'पठान' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था।

रविंद्र सिंह नेगी ने इसी पुराने विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि 'किंग' के संबंधित दृश्य नहीं हटाए गए तो इस बार भी विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।

शाहरुख और दीपिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विवाद सामने आने के बाद फिल्म के निर्माताओं, शाहरुख खान या दीपिका पादुकोण की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

फिल्म से जुड़े लोगों ने भी भाजपा नेता के आरोपों और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फिल्म निर्माता विवादित बताए जा रहे दृश्य में कोई बदलाव करेंगे या नहीं।

'किंग' में शाहरुख के साथ नजर आएंगी सुहाना खान

सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही फिल्म 'किंग' अपनी स्टारकास्ट को लेकर भी चर्चा में है। इस फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी बेटी सुहाना खान महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगी।

फिल्म से जुड़े कलाकारों में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, रानी मुखर्जी, करीना कपूर, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, अरशद वारसी, जयदीप अहलावत, राघव जुयाल, सौरभ शुक्ला और बॉबी देओल जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

फिल्म की रिलीज 24 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।

अब देखना होगा कि दीपिका पादुकोण की पोशाक को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आगे क्या रूप लेता है और फिल्म निर्माता इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

फिलहाल भगवा रंग को लेकर उठी आपत्तियों ने एक बार फिर फिल्मों में कलाकारों के पहनावे, धार्मिक प्रतीकों की व्याख्या और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी बहस को चर्चा में ला दिया है।