क्या ‘Kabhi Main Kabhi Tum’ की कॉपी है ‘कुबूल है’?

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 17-06-2026
Is ‘Qubool Hai’ a copy of ‘Kabhi Main Kabhi Tum’?
Is ‘Qubool Hai’ a copy of ‘Kabhi Main Kabhi Tum’?

 

हैदराबाद:

भारतीय माइक्रो ड्रामा 'कुबूल है' रिलीज के साथ ही विवादों में आ गया है। दर्शकों का एक वर्ग दावा कर रहा है कि इस शो की कहानी, किरदारों की प्रस्तुति और भावनात्मक घटनाक्रम लोकप्रिय पाकिस्तानी ड्रामा Kabhi Main Kabhi Tum से काफी मिलते-जुलते हैं। सोशल मीडिया पर दोनों धारावाहिकों की तुलना करते हुए कई दर्शकों ने सवाल उठाए हैं कि क्या भारतीय शो ने पाकिस्तानी ड्रामा से अत्यधिक प्रेरणा ली है।

अभिनेत्री Sanaya Irani और अभिनेता Mohit Sehgal अभिनीत 'कुबूल है' एक वर्टिकल माइक्रो ड्रामा है, जिसे हाल ही में दर्शकों के सामने पेश किया गया। शो की कहानी सामने आने के बाद कई लोगों ने इसकी तुलना पाकिस्तान के चर्चित धारावाहिक Kabhi Main Kabhi Tum से शुरू कर दी।

पाकिस्तानी धारावाहिक में Fahad Mustafa और Hania Aamir ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। यह शो अपने भावनात्मक कथानक, मध्यमवर्गीय पारिवारिक पृष्ठभूमि, वैवाहिक रिश्तों की जटिलताओं और मुख्य पात्रों के क्रमिक विकास के कारण काफी लोकप्रिय हुआ था। दर्शकों ने विशेष रूप से मुख्य किरदारों के बीच की केमिस्ट्री को सराहा था।

सोशल मीडिया पर चर्चा कर रहे दर्शकों का कहना है कि 'कुबूल है' में भी कहानी का ढांचा, पात्रों के रिश्तों की दिशा और कई भावनात्मक स्थितियां काफी हद तक उसी तरह दिखाई देती हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह केवल प्रेरणा नहीं बल्कि मूल कहानी से अत्यधिक समानता का मामला हो सकता है। हालांकि, शो के निर्माताओं की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इस विवाद ने भारतीय मनोरंजन उद्योग में मौलिकता और रचनात्मक अधिकारों को लेकर भी बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण एशियाई धारावाहिकों में कई सामान्य विषय अक्सर देखने को मिलते हैं, जैसे पारिवारिक दबाव, जबरन विवाह, प्रेम और संघर्ष, सामाजिक अपेक्षाएं तथा विपरीत स्वभाव वाले पात्रों के बीच रिश्ते। इसलिए केवल कुछ समानताओं के आधार पर किसी शो को कॉपी कहना आसान नहीं होता।

हालांकि आलोचकों का तर्क है कि यदि किसी धारावाहिक की मूल कहानी, चरित्र निर्माण और भावनात्मक संरचना किसी दूसरे सफल शो से अत्यधिक मेल खाती हो, तो रचनात्मक श्रेय और कॉपीराइट से जुड़े सवाल उठना स्वाभाविक है।

इस बहस का एक राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलू भी सामने आया है। कुछ टिप्पणीकारों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण कई बार पाकिस्तानी कलाकारों और सांस्कृतिक सहयोगों को लेकर विवाद होते रहे हैं। ऐसे में यदि पाकिस्तानी कहानियां भारतीय रूपांतरणों के माध्यम से लोकप्रिय हो रही हैं, तो रचनात्मक स्रोतों को उचित श्रेय देने की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।

फिलहाल सोशल मीडिया पर यह बहस जारी है कि 'कुबूल है' वास्तव में एक स्वतंत्र कहानी है या फिर 'कब्ही मैं कब्ही तुम' से प्रभावित रूपांतरण। अंतिम निष्कर्ष तभी सामने आएगा जब निर्माता, लेखक या संबंधित पक्ष इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।