‘घूसखोर पंडत’ काल्पनिक फिल्म है, इसका किसी जाति या समुदाय से कोई संबंध नहीं : नीरज पांडे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-02-2026
'Ghuskhor Pandit' is a fictional film, it has no connection with any caste or community: Neeraj Pandey
'Ghuskhor Pandit' is a fictional film, it has no connection with any caste or community: Neeraj Pandey

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने शुक्रवार को कहा कि ‘घूसखोर पंडत’ की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और इसका किसी भी जाति या समुदाय से कोई संबंध नहीं है।

‘नेटफ्लिक्स’ की इस फिल्म को एक दिन पहले अपने नाम को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा जिसके बाद पांडे का यह बयान सामने आया है।
 
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में पांडे ने स्वीकार किया कि फिल्म के शीर्षक से दर्शकों के एक वर्ग की भावनाएं ‘‘आहत’’ हुई हैं और उन्होंने कहा कि फिलहाल फिल्म से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री हटा ली जाएगी।
 
इस सप्ताह की शुरुआत में फिल्म की घोषणा के बाद इसके नाम को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। कई उपयोगकर्ताओं ने इसे असंवेदनशील और अपमानजनक बताया।
 
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बृहस्पतिवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किया। यह नोटिस एक शिकायत के बाद दिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ओटीटी मंच पर रिलीज होने वाली आगामी फिल्म का नाम ‘‘नकारात्मक रूढ़ियों को बढ़ावा देता है’’ और ‘‘एक मान्यता प्राप्त सामाजिक समूह को बदनाम करता है।’’
 
पांडे ने कहा कि यह फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और ‘‘पंडत’’ शब्द का उपयोग केवल एक काल्पनिक पात्र के बोलचाल वाले नाम के तौर पर किया गया है।