तब्बू की पहचान के गलत इस्तेमाल पर HC सख्त

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 10-08-2026
Delhi HC restrains misuse of actress Tabu's identity; orders Google, Meta, X, Reddit to remove 150+ URLs over AI-generated content
Delhi HC restrains misuse of actress Tabu's identity; orders Google, Meta, X, Reddit to remove 150+ URLs over AI-generated content

 

आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली  
 
दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू को उनकी पहचान और Personality Rights के अनधिकृत इस्तेमाल से सुरक्षा देते हुए बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने तब्बू के नाम, तस्वीर, आवाज, चेहरा, वीडियो, फिल्म स्टिल्स और अन्य व्यक्तिगत पहचान से जुड़े तत्वों के बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक लगाई है। यह रोक Artificial Intelligence (AI), Generative AI, Deepfake, Face Morphing और GIFs के जरिए किए जाने वाले दुरुपयोग पर भी लागू होगी।
 
Justice Jyoti Singh की अदालत ने तब्बू की याचिका पर सुनवाई करते हुए Google, Meta, X और Reddit समेत कई प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को कथित तौर पर अभिनेत्री की पहचान और छवि का अनधिकृत इस्तेमाल करने वाले बड़ी संख्या में URLs को हटाने या उन तक पहुंच रोकने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के तहत अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद 150 से अधिक विशेष रूप से चिन्हित URLs को हटाने या Disable करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
AI और Deepfake कंटेंट पर कोर्ट की सख्ती

तब्बू ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि इंटरनेट पर उनकी पहचान का इस्तेमाल कर AI-generated अश्लील तस्वीरें, वीडियो और GIFs तैयार और प्रसारित किए जा रहे हैं। याचिका के मुताबिक, उनकी फिल्मों, इंटरव्यू और सार्वजनिक कार्यक्रमों के वीडियो से कुछ हिस्सों को काटकर, धीमा करके या Zoom करके ऐसे तरीके से पेश किया जा रहा था, जिससे आपत्तिजनक और सनसनीखेज सामग्री तैयार हो सके। आरोप था कि इस तरह की सामग्री का इस्तेमाल ऑनलाइन Traffic बढ़ाने और आर्थिक लाभ कमाने के लिए किया जा रहा था।
 
कोर्ट ने माना कि इस तरह से फिल्मों, सार्वजनिक कार्यक्रमों या इंटरव्यू के अंशों को जानबूझकर Edit करके और सनसनीखेज तरीके से प्रसारित करना अभिनेत्री की Goodwill, Reputation और Commercial Value को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। अदालत ने यह भी माना कि ऐसी परिस्थितियों में तब्बू को होने वाली क्षति केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी निजता, व्यक्तित्व और सम्मान से भी जुड़ी है।
 
तब्बू के नाम और पहचान के इस्तेमाल पर रोक

कोर्ट ने Defendants 1 से 7, जिनमें अज्ञात John Does भी शामिल हैं, को तब्बू की Personality और Publicity Rights से जुड़े किसी भी Attribute का बिना अनुमति इस्तेमाल, शोषण या Misappropriation करने से रोक दिया है। इस आदेश में विशेष रूप से शामिल हैं:
 
तब्बू का Stage Name 'Tabu'
उनका वास्तविक नाम Tabassum Jamal Hashmi
उनकी आवाज और Voice Recordings
Voice Duplications
Signature और Initials
Images और Photographs
Movie Stills
अन्य पहचान से जुड़े व्यक्तिगत Attributes
 
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह रोक केवल सामान्य इंटरनेट कंटेंट तक सीमित नहीं है। आदेश में AI, Generative AI, Machine Learning, Deepfakes, Face Morphing और GIFs के जरिए होने वाले दुरुपयोग को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। यह आदेश Websites, Mobile Applications, Social Media Platforms, Metaverse और अन्य Physical या Virtual Mediums पर भी लागू होगा।
 
Google और Meta को 150 से अधिक URLs हटाने के निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अलग-अलग URLs के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। Google LLC को एक सेट में 21 URLs, दूसरे में 8 URLs और तीसरे में 5 URLs को हटाने या Disable करने का निर्देश दिया गया है। Meta Platforms Inc. को Document-A में 73 URLs, Document-B में 28 URLs और Document-C में 5 URLs को हटाने या Disable करने को कहा गया है।
 
इसके अलावा:

X Corp. को 3 चिन्हित URLs हटाने का आदेश।
eBay Inc. को Document-C में Serial Number 15 से 20 तक दिए गए URLs हटाने का निर्देश।
Reddit Inc. को भी निर्दिष्ट URLs हटाने का आदेश।
 
इन सभी कार्रवाई के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म्स को कोर्ट का आदेश प्राप्त होने के 36 घंटे के भीतर जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। इस तरह कोर्ट का आदेश अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद 150 से अधिक URLs को सीधे प्रभावित करता है।
 
ऑनलाइन फर्जी Booking Account पर भी कार्रवाई

तब्बू ने अपनी याचिका में एक Instagram Account का भी जिक्र किया, जिसके जरिए कथित तौर पर उनके नाम पर Events और Performances के लिए Booking की पेशकश की जा रही थी। अभिनेत्री का कहना था कि उनका इस Account से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने किसी व्यक्ति को अपनी ओर से Booking लेने या करने की अनुमति नहीं दी थी। याचिका के मुताबिक, उस Account के करीब 2,000 Followers थे और उसमें तब्बू के नाम, तस्वीरों और Video Clips का इस्तेमाल किया गया था, जिससे लोगों को यह भ्रम हो सकता था कि Account अभिनेत्री से आधिकारिक रूप से जुड़ा हुआ है। कोर्ट का अंतरिम आदेश इस तरह के अनधिकृत Commercial Exploitation पर भी रोक लगाता है।
 
तब्बू के नाम पर Merchandise बेचने का भी आरोप

अभिनेत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ Websites पर उनकी तस्वीरों वाले Mugs, Posters, Calendars, Hoodies, Sweatshirts और अन्य Merchandise बेचे जा रहे थे। तब्बू की ओर से दलील दी गई कि ऐसे उत्पादों में उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल लोगों के मन में एक अनधिकृत Commercial Association पैदा करता है और उनकी Celebrity Persona से जुड़े Commercial Value का फायदा उठाया जाता है। कोर्ट ने माना कि किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम, तस्वीर या अन्य विशिष्ट पहचान का बिना अनुमति Commercial इस्तेमाल Personality Rights के उल्लंघन का कारण बन सकता है।
 
फर्जी बयान को लेकर भी कोर्ट ने जताई नाराजगी

मामले में एक Online Publication द्वारा तब्बू के नाम से एक कथित Fabricated और Disparaging Statement प्रकाशित किए जाने का आरोप भी शामिल है। अभिनेत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। उनकी टीम ने प्रमुख Newspapers को इस संबंध में Clarification भी जारी किया था। इसके बावजूद कथित तौर पर Publication में वह सामग्री जारी रही।
 
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस कृत्य को "Egregious Act" यानी गंभीर और आपत्तिजनक कृत्य माना। अदालत ने कहा कि अभिनेत्री के स्पष्ट खंडन के बाद भी इस सामग्री को जारी रखना चिंताजनक है और ऐसा प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य सनसनी पैदा करना तथा आर्थिक लाभ हासिल करना था। कोर्ट ने संबंधित Publisher को उस कथित बयान को अपनी सभी Platforms से हटाने और आगे प्रसारित करने से रोकने का निर्देश दिया है। उसे कोर्ट का आदेश मिलने के तीन दिनों के भीतर सामग्री Delete और Take Down करने को कहा गया है।
 
Google, Meta, X और Reddit से मांगी Subscriber Details

मामले में अदालत ने केवल URLs हटाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। कोर्ट ने परिस्थितियों के अनुसार Google, Meta, X, Reddit और GoDaddy को Basic Subscriber Information और IP Log Details उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस जानकारी से तब्बू की टीम को उन Accounts और लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, जो कथित तौर पर अभिनेत्री की पहचान और Personality Rights का अनधिकृत इस्तेमाल कर रहे थे।
 
यह दिशा-निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Online Platforms पर Anonymous या Pseudonymous Accounts के जरिए Celebrity Identity का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
 
Personality Rights को लेकर दिल्ली HC की महत्वपूर्ण टिप्पणी

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में Personality Rights से जुड़े पहले के मामलों का भी उल्लेख किया।
 
अदालत ने D.M. Entertainment v. Baby Gift House, Anil Kapoor v. Simply Life India और Jaikishan Kakubhai Saraf v. Peppy Store जैसे मामलों का संदर्भ दिया, जिनमें दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रसिद्ध व्यक्तियों के Personality Rights को मान्यता और संरक्षण दिया है।
 
अदालत ने कहा कि किसी Famous Personality के नाम, Image या अन्य विशिष्ट Attributes का बिना अनुमति Commercial इस्तेमाल व्यक्ति की विशिष्ट पहचान को कमजोर कर सकता है और तीसरे पक्ष को बिना अधिकार Commercial Gain हासिल करने का अवसर दे सकता है।
 
नुकसान सिर्फ पैसे का नहीं—सम्मान और निजता भी अहम
 
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि Personality Rights के उल्लंघन को केवल Commercial Loss के नजरिए से नहीं देखा जा सकता।
 
किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल उसकी Privacy, Personality और Right to Live with Dignity को भी प्रभावित कर सकता है।
 
तब्बू के मामले में अदालत ने कथित False और Disparaging Publication को उनकी Reputation के लिए गंभीर नुकसान वाला माना और कहा कि इससे उनके सम्मान के साथ जीने के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है।
 
तब्बू की लंबी फिल्मी पारी का भी कोर्ट ने किया जिक्र
 
अदालत ने तब्बू के लंबे और प्रतिष्ठित फिल्मी करियर को भी ध्यान में रखा।
 
कोर्ट ने भारतीय और International Cinema में उनके योगदान, Padma Shri, दो National Awards और अन्य सम्मानों का उल्लेख किया।
 
अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, तब्बू के सोशल मीडिया पर भी लाखों Followers हैं और उनके Instagram पर करीब 3.2 Million Followers हैं। वह कई प्रमुख Brands से भी जुड़ी रही हैं।
 
यही व्यापक Public Recognition उनके नाम, चेहरे, आवाज और अन्य पहचान से जुड़े Attributes को विशिष्ट Commercial और Public Value प्रदान करती है।
 
कोर्ट ने माना—तब्बू ने Prima Facie Case बनाया
 
Justice Jyoti Singh ने माना कि तब्बू ने Prima Facie Case स्थापित किया है और उनके पक्ष में Balance of Convenience है।
 
अदालत ने यह भी माना कि यदि अंतरिम सुरक्षा नहीं दी गई तो अभिनेत्री को ऐसी क्षति हो सकती है जिसकी भरपाई बाद में केवल आर्थिक मुआवजे से करना संभव नहीं होगा।
 
इसी आधार पर कोर्ट ने Ex-Parte Ad-Interim Injunction जारी की।
 
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह अदालत का अंतरिम आदेश है। कोर्ट ने अभी मामले में अंतिम रूप से यह तय नहीं किया है कि याचिका में लगाए गए सभी आरोप साबित हो चुके हैं। अंतरिम सुरक्षा Prima Facie Findings और संभावित Irreparable Harm के आधार पर दी गई है।
 
Commercial Suit के रूप में दर्ज हुआ मामला
 
दिल्ली हाई कोर्ट ने तब्बू की Plaint को औपचारिक रूप से Commercial Suit के रूप में Register किया है और प्रतिवादियों को Summons जारी किए हैं।
 
अन्य defendants को Summons प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर Written Statement दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
 
Discovery, Production और Inspection of Documents से जुड़े मामलों को भी अदालत ने आगे बढ़ाया है।
 
Discovery और Inspection की Application पर Notice जारी किया गया है और अगली सुनवाई के लिए मामला 7 दिसंबर 2026 को सूचीबद्ध किया गया है।
 
फिलहाल अंतरिम Injunction अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी, जब तक अदालत की ओर से कोई अन्य आदेश जारी नहीं किया जाता।
 
AI के दौर में Celebrity Rights की नई चुनौती
 
तब्बू का मामला केवल एक Celebrity के नाम और तस्वीर के गलत इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। यह उस तेजी से बदलते Digital Environment की ओर भी इशारा करता है जहां AI, Deepfake और Face-Morphing Technologies ने किसी व्यक्ति की पहचान को Manipulate करना पहले की तुलना में कहीं आसान बना दिया है।
 
किसी अभिनेता के पुराने Film Scenes, Interviews या Public Appearances को लेकर AI Tools की मदद से नया और भ्रामक Content तैयार किया जा सकता है। इसके बाद Social Media और अन्य Digital Platforms के जरिए वह Content तेजी से फैल सकता है।
 
दिल्ली हाई कोर्ट का यह अंतरिम आदेश ऐसे मामलों में Celebrity की Identity, Reputation, Privacy और Commercial Persona की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप के रूप में देखा जा सकता है।
 
तब्बू के मामले में अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की पहचान Public होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति उसका नाम, चेहरा, आवाज या Digital Likeness अपनी मर्जी से इस्तेमाल कर सकता है।
 
AI के बढ़ते दौर में तब्बू का यह मामला आने वाले समय में Personality Rights और Digital Identity Protection से जुड़े मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है।