नई दिल्ली
फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा (आरजीवी) ने बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने एक पुराने इंटरव्यू को लेकर स्पष्ट किया कि उन्हें संदर्भ से अलग करके उद्धृत किया जा रहा है। उन्होंने ए.आर. रहमान को न सिर्फ दुनिया के महानतम संगीतकारों में से एक बताया, बल्कि उन्हें अब तक मिले सबसे अच्छे और विनम्र इंसानों में से एक भी कहा।
दरअसल, हाल ही में ए.आर. रहमान ने बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पिछले आठ वर्षों में हिंदी फिल्म उद्योग में उनके काम में कमी आई है। उन्होंने इसका कारण इंडस्ट्री के भीतर “पावर शिफ्ट” को बताया और यह भी संकेत दिया कि इसके पीछे “सांप्रदायिक पहलू” हो सकता है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और इसी बीच राम गोपाल वर्मा का एक पुराना वीडियो क्लिप फिर से वायरल होने लगा।
इस क्लिप में ऐसा प्रतीत होता है कि वर्मा यह कह रहे हैं कि ऑस्कर विजेता गीत ‘जय हो’ की रचना ए.आर. रहमान ने नहीं, बल्कि गायक सुखविंदर सिंह ने की थी। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कई यूजर्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।
हालांकि, विवाद बढ़ता देख राम गोपाल वर्मा ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,“इस विषय में मुझे गलत तरीके से उद्धृत किया जा रहा है और मेरे शब्दों को संदर्भ से बाहर समझा जा रहा है। मेरी नज़र में ए.आर. रहमान दुनिया के सबसे महान संगीतकार हैं और अब तक मिले सबसे अच्छे इंसानों में से एक हैं। वह किसी का श्रेय छीनने वाले आखिरी व्यक्ति हैं। उम्मीद है कि इससे इस मुद्दे पर फैली नकारात्मकता खत्म होगी।”
गौरतलब है कि आरजीवी और रहमान ने 1995 की सुपरहिट फिल्म ‘रंगीला’ में साथ काम किया था, जिसने दोनों के करियर में अहम भूमिका निभाई।वायरल हो रहे इंटरव्यू क्लिप में वर्मा ने एक घटना का ज़िक्र किया था, जो निर्देशक सुभाष घई की 2008 की फिल्म ‘युवराज’ से जुड़ी थी। इस फिल्म में सलमान खान और कैटरीना कैफ मुख्य भूमिका में थे। वर्मा ने बताया कि रहमान अपने काम में देरी के लिए मशहूर रहे हैं और इसी वजह से सुभाष घई उनसे नाराज़ हो गए थे।
वर्मा के अनुसार, घई ने रहमान को एक सख्त संदेश भेजा था, जब वह उस समय लंदन में थे। इसके बाद रहमान मुंबई आए और सुखविंदर सिंह के स्टूडियो में मुलाकात तय हुई। वहां रहमान ने सुखविंदर से पूछा कि क्या उन्होंने कोई धुन बनाई है। सुखविंदर ने एक धुन सुनाई, जिसे रहमान ने पसंद किया। लेकिन सुभाष घई इस बात पर भड़क गए और उन्होंने रहमान से कहा कि जब वह उन्हें करोड़ों रुपये दे रहे हैं, तो किसी और से काम क्यों करवाया जा रहा है।
वर्मा के मुताबिक, इस पर रहमान ने सख्त लहजे में जवाब दिया कि निर्माता उनके नाम के लिए भुगतान कर रहे हैं, न कि केवल काम के लिए, और फिर वह वहां से चले गए। बाद में रहमान ने सुखविंदर से उस धुन को पूरा करने को कहा।
आरजीवी ने इंटरव्यू में यह भी बताया कि करीब एक साल बाद रहमान के मैनेजर ने सुखविंदर सिंह को पांच लाख रुपये का चेक भेजा, यह कहते हुए कि वह गीत रहमान ने फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए इस्तेमाल किया है और यह उनकी हिस्सेदारी है।
इसी फिल्म के गीत ‘जय हो’ के लिए ए.आर. रहमान ने ऑस्कर पुरस्कार जीता था। उन्हें सर्वश्रेष्ठ मौलिक गीत का ऑस्कर प्रसिद्ध गीतकार गुलज़ार के साथ साझा करना पड़ा, जबकि सर्वश्रेष्ठ मौलिक संगीत का पुरस्कार भी उनके नाम रहा।
राम गोपाल वर्मा ने अब साफ कर दिया है कि उनके बयान का उद्देश्य रहमान की प्रतिभा पर सवाल उठाना नहीं था, बल्कि एक किस्से के ज़रिए उनकी कार्यशैली को समझाना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि ए.आर. रहमान का योगदान भारतीय और वैश्विक संगीत में अतुलनीय है और उन्हें लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।