नई दिल्ली
बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक करण जौहर आज भारतीय सिनेमा के सबसे सफल नामों में गिने जाते हैं। भव्य फिल्मों, शानदार प्रोडक्शन और नई प्रतिभाओं को मंच देने के लिए पहचाने जाने वाले करण जौहर की सफलता के पीछे संघर्ष, विश्वास और सही समय पर मिले मार्गदर्शन की एक प्रेरणादायक कहानी छिपी है। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि कैसे आदित्य चोपड़ा और शाहरुख खान के भरोसे ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
करण जौहर ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने के बजाय विदेश जाकर उच्च शिक्षा हासिल करने की योजना बनाई थी। वह अपनी पढ़ाई की तैयारियों में व्यस्त थे और उनका ध्यान पूरी तरह अकादमिक भविष्य पर था। इसी दौरान उनकी मुलाकात यश राज फिल्म्स के प्रमुख और निर्देशक आदित्य चोपड़ा से हुई, जिन्होंने करण की जिंदगी बदल देने वाली सलाह दी।
करण ने याद करते हुए लिखा कि आदित्य चोपड़ा ने उन्हें अपनी फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (DDLJ) में सहायक निर्देशक के रूप में काम करने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में करण इस प्रस्ताव को लेकर दुविधा में थे क्योंकि उनका इरादा विदेश जाकर पढ़ाई करने का था। लेकिन आदित्य ने उनसे कहा, "अगर तुमने यह रास्ता नहीं चुना, तो तुम अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती करोगे।"
करण ने स्वीकार किया कि आदित्य के ये शब्द उनके मन में गहराई तक उतर गए। उन्होंने लिखा कि उस रात वह पूरी तरह बेचैन रहे और सो भी नहीं पाए। अगले दिन उन्होंने अपने पिता, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता यश जौहर, से कहा कि वह अपनी आगे की पढ़ाई एक वर्ष के लिए टालना चाहते हैं ताकि फिल्म इंडस्ट्री में खुद को आजमा सकें। यही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
करण जौहर ने अपनी पोस्ट में शाहरुख खान के साथ जुड़ी एक खास याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे की शूटिंग के दौरान स्विट्जरलैंड में एक दिन शाहरुख खान उनके पास आए। पहाड़ की चोटी पर खड़े होकर उन्होंने करण के कंधे पर हाथ रखा और कहा, "तुम एक दिन निर्देशक बनोगे और मैं तुम्हारी पहली फिल्म में काम करूंगा।"
करण के अनुसार उस समय उन्हें लगा कि शाहरुख मजाक कर रहे हैं। लेकिन भारत लौटने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि अभिनेता अपने शब्दों के प्रति पूरी तरह गंभीर थे। शाहरुख खान ने स्वयं यश जौहर से बातचीत की और करण की पहली फिल्म में काम करने का वादा निभाया।
यहीं से 'कुछ कुछ होता है' की शुरुआत हुई, जिसने न केवल करण जौहर को सफल निर्देशक के रूप में स्थापित किया, बल्कि हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय फिल्मों में भी अपनी जगह बनाई। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की और करण के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर साझा की गई अपनी पोस्ट में करण जौहर ने आदित्य चोपड़ा और शाहरुख खान के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "आदि और भाई, मैं आप दोनों से बहुत प्यार करता हूं। आज मैं अपनी सभी सफलताओं, असफलताओं, ताकत और कमजोरियों के साथ जहां भी खड़ा हूं, उसमें आपका सबसे बड़ा योगदान है। मैं जो भी कहानी आज सुना पा रहा हूं, वह सिर्फ आप दोनों की वजह से संभव हुई है।"
उन्होंने आगे सभी गुरुओं और मार्गदर्शकों को नमन करते हुए कहा कि जीवन में सही समय पर मिलने वाला मार्गदर्शन किसी व्यक्ति की पूरी दिशा बदल सकता है। करण ने उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया जो निस्वार्थ भाव से दूसरों का मार्गदर्शन करते हैं और उन्हें अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देते हैं।
करण जौहर की यह भावुक कहानी बताती है कि प्रतिभा के साथ-साथ सही सलाह, विश्वास और किसी का प्रोत्साहन भी सफलता की राह में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।