गौस सिवानी
पटना विश्वविद्यालय भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है, जो बिहार की शिक्षा और शोध के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसकी स्थापना 1917में हुई थी और इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के विकास के साथ-साथ छात्रों को एक सुव्यवस्थित, शोधपरक और व्यावहारिक वातावरण प्रदान करना था। इसका केंद्रीय कैंपस पटना में स्थित है और यह बिहार के अनेक कॉलेजों एवं शोध संस्थानों से जुड़ा हुआ है, जो विश्वविद्यालय के अकादमिक मानकों और पाठ्यक्रम को बनाए रखने में सहायक हैं।

बिहार की आवश्यकता
विश्वविद्यालय की स्थापना भारत में उच्च शिक्षा की आवश्यकता को देखते हुए की गई थी। प्रारंभिक वर्षों में विश्वविद्यालय ने मूल विज्ञान, मानविकी और विधि शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया, लेकिन समय के साथ इसने भौतिकी, गणित, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, इंजीनियरिंग, कृषि, चिकित्सा विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अपनी शिक्षा और शोध का दायरा बढ़ाया। आज विश्वविद्यालय स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों के साथ उन्नत शोध के अवसर भी प्रदान करता है।
अकादमिक
विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, कानून, प्रबंधन और व्यवसाय अध्ययन में शिक्षा प्रदान करता है। छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार शोध परियोजनाएँ करने, सेमिनारों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
पटना विश्वविद्यालय के अंतर्गत कई संबद्ध कॉलेज कार्यरत हैं, जैसे सेंट जोसेफ कॉलेज, राजेंद्र कॉलेज, महात्मा गांधी कॉलेज और बेरी कॉलेज। ये कॉलेज विभिन्न विज्ञानों, पेशेवर शिक्षा, महिला शिक्षा और शोध कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। ये संस्थान छात्रों को प्रायोगिक प्रशिक्षण के साथ-साथ सैद्धांतिक आधार भी उपलब्ध कराते हैं, ताकि वे भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर सकें।

शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य
शोध और विकास के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहाँ के शोध केंद्रों और प्रयोगशालाओं में छात्र और शिक्षक आधुनिक शोध करते हैं, जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान के विकास में सहायक होता है। विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मानविकी और सामाजिक विज्ञानों के शोध केंद्र सक्रिय हैं, जहाँ छात्र नवीन शोध परियोजनाओं पर काम करते हैं और अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलनों में भाग लेते हैं।
उच्च शैक्षणिक स्तर
पटना विश्वविद्यालय न केवल उच्च शिक्षा बल्कि छात्रों के बौद्धिक, शोधपरक और व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए एक पूर्ण केंद्र है। इसका लंबा ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, मजबूत पाठ्यक्रम, शोध के अवसर और संबद्ध कॉलेजों का नेटवर्क छात्रों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान करता है। यहाँ से स्नातक छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलताएँ प्राप्त कर रहे हैं, जिससे यह संस्थान न केवल बिहार बल्कि पूरे भारत में उच्च शैक्षणिक स्तर का प्रतीक बन गया है।
(लेखक आवाज द वाॅयस उर्दू से जुड़े हैं.)
पटना विवि के बारे में यदि उर्दू में जानकारी लेनी हो तो नीचे दिए गए वीडियो लिंक को क्लिक करके देख सकते हैंः-