नीट यूजी 2026’ परीक्षा रद्द; प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों की सीबीआई करेगी जांच

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
NEET UG 2026 exam cancelled; CBI to probe allegations of question paper leak
NEET UG 2026 exam cancelled; CBI to probe allegations of question paper leak

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया।

चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा अब नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी।
 
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बरकरार रखने के लिए लिया गया है।
 
उसने कहा, ‘‘केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एनटीए द्वारा तथ्यों को परखे जाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने तीन मई 2026 को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को भारत सरकार की मंजूरी से रद्द करने और अलग से अधिसूचित तिथियों पर परीक्षा पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया है।’’
 
नीट यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और अन्य देशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा लगभग 23 लाख पंजीकृत परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गयी थी।
 
एजेंसी ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि ‘वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना उचित नहीं है।’
 
उसने कहा, ‘‘पुनः होने वाली परीक्षा की तिथियां और उनके लिए जारी किये जाने वाले प्रवेश पत्र की समय-सारणी अगले कुछ दिनों में एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से सूचित की जाएगी।’’
 
एनटीए ने कहा कि सरकार ने परीक्षा से जुड़े आरोपों की व्यापक जांच के लिए मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है।
पिछले सप्ताह सुनवाई शुरू होने पर गुयाना के विदेश मंत्री ह्यूज हिल्टन टॉड ने न्यायाधीशों से कहा था कि यह विवाद “संप्रभु राष्ट्र के रूप में हमारे अस्तित्व पर शुरू से ही एक दाग रहा है।” उन्होंने कहा कि गुयाना का 70 प्रतिशत क्षेत्र दांव पर लगा है।