जामिया हमदर्द में सेंसरी इंटीग्रेशन पर हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 08-04-2026
Hands-on Workshop on Sensory Integration Organized at Jamia Hamdard
Hands-on Workshop on Sensory Integration Organized at Jamia Hamdard

 

नई दिल्ली: जामिया हमदर्द के स्कूल ऑफ अलाइड हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च (SAHSR) के अंतर्गत ऑक्यूपेशनल थेरेपी विभाग द्वारा “सेंसरी इंटीग्रेशन बेसिक्स एंड क्लीनिकल एप्लिकेशन” विषय पर एक विशेष हैंड्स ऑन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रो. (डॉ.) सोहराब ए. खान, डीन SAHSR और विभागाध्यक्ष डॉ. रशीदा बेगम के नेतृत्व में आयोजित हुआ।

इस कार्यशाला का संचालन सिमंत गौतम ने किया, जो एक अनुभवी पीडियाट्रिक ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट हैं और ओएसिस चाइल्ड डेवलपमेंट क्लिनिक में क्लीनिकल हेड के पद पर कार्यरत हैं। वे जामिया हमदर्द के पूर्व छात्र भी हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया से सर्टिफाइड सेंसरी इंटीग्रेशन थेरेपिस्ट हैं। इसके साथ ही वे ह्यूमन मूवमेंट स्पेशलिस्ट के रूप में भी प्रशिक्षित हैं।

वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सेंसरी इंटीग्रेशन की बुनियादी समझ प्रदान करना और उसके क्लीनिकल उपयोग के बारे में जागरूक करना था। सत्र में वेस्टिबुलर, प्रोप्रियोसेप्टिव और टैक्टाइल सिस्टम की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, सेंसरी इंटीग्रेशन थेरेपी में क्लीनिकल रीजनिंग और उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

कार्यशाला का स्वरूप बेहद इंटरैक्टिव रहा, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी हासिल किया। छात्रों ने सेंसरी इंटीग्रेशन से जुड़ी तकनीकों को समझने और लागू करने में गहरी रुचि दिखाई।

सिमंत गौतम ने अपने पेशेवर अनुभव साझा करते हुए बताया कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सेंसरी इंटीग्रेशन थेरेपी कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने और अधिक अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. नाजिया अली, डॉ. सबा अजीज और डॉ. साकेबा शाही की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने समन्वयक के रूप में कार्य किया।कुल मिलाकर, यह वर्कशॉप छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुई, जिसने उन्हें सेंसरी इंटीग्रेशन के क्षेत्र में व्यावहारिक समझ और आत्मविश्वास प्रदान किया।