जामिया में हिंदी कार्यशाला आयोजित, राजभाषा कार्यान्वयन पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
A Hindi workshop was organized at Jamia, providing special training on the implementation of the official language.
A Hindi workshop was organized at Jamia, providing special training on the implementation of the official language.

 

नई दिल्ली

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप केंद्र सरकार के प्रत्येक कार्यालय में प्रत्येक तिमाही हिंदी कार्यशाला का आयोजन अनिवार्य है। इसी क्रम में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति एवं कुलसचिव के संरक्षण में 31 दिसंबर 2025 को “टिप्पण-प्रारूपण (नोटिंग-ड्राफ्टिंग)” विषय पर तिमाही हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में श्रीमती विनीता तिवारी, सहायक निदेशक, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने सहभागिता की। उनका स्वागत कुलसचिव सचिवालय, जामिया की ओर से सुश्री फ़रहा जैदी द्वारा किया गया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अनुभाग अधिकारी, सहायक, उच्च श्रेणी लिपिक (यूडीसी) तथा निम्न श्रेणी लिपिक (एलडीसी) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयी कार्य राजभाषा हिंदी में शुद्ध, सटीक और प्रभावी ढंग से करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान श्रीमती विनीता तिवारी ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से पत्र, परिपत्र, अर्ध-सरकारी पत्र, सूचना, अधिसूचना सहित विभिन्न प्रकार के सरकारी पत्राचार को सही प्रारूप और भाषा में तैयार करने की विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार टिप्पण और प्रारूपण में सरल, स्पष्ट और नियमसम्मत हिंदी का प्रयोग कर राजभाषा कार्यान्वयन को सुदृढ़ किया जा सकता है।

प्रतिभागियों ने सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्नों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विषय की बारीकियों को समझा, जिससे उन्हें अपने दैनिक कार्यालयी कार्य में हिंदी के अधिक प्रभावी उपयोग की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

कार्यशाला का समापन माननीय कुलसचिव प्रो. (डॉ.) मो. महताब आलम रिज़वी के उत्साहवर्धक संबोधन एवं आशीर्वचन के साथ हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगा और भविष्य में भी प्रत्येक तिमाही में इस प्रकार की कार्यशालाओं एवं सेमिनारों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अतिथि वक्ता तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ आगे भी जामिया के कर्मियों के लिए ऐसे उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।