Zomato की पैरेंट कंपनी एटरनल ने मुनाफे में मारी बाजी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 29-04-2026
Zomato's Parent Company, Eternal, Posts a Profit
Zomato's Parent Company, Eternal, Posts a Profit

 

नई दिल्ली

भारत की प्रमुख ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी एटरनल (पूर्व में Zomato) ने एक बार फिर बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी ने हाल ही में जारी तिमाही नतीजों में विश्लेषकों के अनुमान से अधिक मुनाफा दर्ज किया है। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से इसके फूड डिलीवरी बिजनेस में स्थिर मांग और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में तेज विस्तार के कारण संभव हो पाया है।

कंपनी के अनुसार, तिमाही के दौरान उसके मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस में लगातार मजबूती बनी रही। बजट-फ्रेंडली ऑफर्स और बेहतर लागत प्रबंधन ने राजस्व को स्थिर बनाए रखा। इसके साथ ही, ग्राहकों की कीमत-संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म फीस और डिस्काउंट स्ट्रक्चर में भी सुधार किया गया, जिससे मांग पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा।

एटरनल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अक्षांत गोयल ने नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि ईंधन की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी का कंपनी के मार्जिन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी पहले भी लागत में मामूली बढ़ोतरी को ग्राहकों तक पहुंचाती रही है, जिससे मांग पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता।

कंपनी के फूड डिलीवरी सेगमेंट में नेट ऑर्डर वैल्यू में 18.8% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है, जो लगातार तीसरी तिमाही की सकारात्मक ग्रोथ है। रिपोर्ट के अनुसार, 250 रुपये से कम कीमत वाले किफायती भोजन विकल्पों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही, प्रति ऑर्डर बेहतर रेवेन्यू और लागत में दक्षता ने मार्जिन को भी मजबूत किया है।

दूसरी ओर, कंपनी का क्विक कॉमर्स बिजनेस ब्लिंकिट भी तेजी से विस्तार कर रहा है। ब्लिंकिट, जो कुछ ही मिनटों में किराने से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक की डिलीवरी करता है, ने अपनी स्टोर संख्या में लगभग 10% की बढ़ोतरी की है और अब इसके 2,200 से अधिक स्टोर हो चुके हैं। कंपनी लगातार अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है ताकि ग्राहकों को अधिक विकल्प मिल सकें।

भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स बाजार में एटरनल को अमेज़न, वॉलमार्ट समर्थित फ्लिपकार्ट, रिलायंस, स्विगी इंस्टामार्ट और जेप्टो जैसी बड़ी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद कंपनी को उम्मीद है कि उसका क्विक कॉमर्स बिजनेस आने वाले तीन वर्षों में 60% से अधिक की वार्षिक दर से बढ़ सकता है।

तिमाही नतीजों के अनुसार, कंपनी का कुल राजस्व लगभग तीन गुना बढ़कर 172.92 अरब रुपये तक पहुंच गया, हालांकि यह विश्लेषकों के अनुमान 182.81 अरब रुपये से थोड़ा कम रहा। इसके बावजूद कंपनी का शुद्ध लाभ 1.74 अरब रुपये रहा, जो बाजार के अनुमान 1.21 अरब रुपये से अधिक है।

कुल मिलाकर, एटरनल का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारतीय डिजिटल डिलीवरी बाजार में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स दोनों ही सेगमेंट कंपनी की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रहे हैं। आने वाले समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद कंपनी का फोकस विस्तार और लागत दक्षता पर बना रहेगा, जिससे इसके विकास की गति और तेज हो सकती है।